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किसानों ने छह घंटे तक रेलवे ट्रैक पर चलाई सभा

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बहादुरगढ़। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर आंदोलनकारी किसानों ने सोमवार को बहादुरगढ़ रेलवे स्टेशन पर सुबह 10 से शाम 4 बजे तक रेलवे ट्रैक पर जाम लगाया और रेलवे स्टेशन पर सभा की। जिससे 28 रेल व माल गाड़ियां प्रभावित रहीं। किसानों ने लखीमपुर में किसान हत्याकांड में आरोपी आशीष मिश्र के पिता केंद्रीय राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी को 120बी के तहत गिरफ्तार करने और सुप्रीम कोर्ट के दो कार्यरत न्यायाधीशों से मामले की जांच करवाने की मांग की।
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सोमवार की सुबह करीब साढ़े 9 बजे ही संयुक्त किसान मोर्चा टीकरी बार्डर कमेटी की देखरेख में 200 से अधिक आंदोलनकारी बहादुरगढ़ रेलवे स्टेशन पर पहुंच गए थे। पहले उन्होंने यहां प्लेटफार्म नंबर 1 व 2 के बीच रेलवे लाइनों के बीच आसपास साफ-सफाई की और फिर 10 बजे ट्रैक के बीचोंबीच धरने पर बैठ गए। सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। बूंदाबांदी के बीच किसान रेलवे ट्रैक पर बैठकर अपनी आवाज बुलंद करते रहे। किसानों का रेल रोको आंदोलन सुबह 10 से 4 बजे तक शांतिपूर्ण तरीके से चलता रहा। हालांकि स्टेशन पर काफी पुलिस बल भी मौजूद रहा। अर्द्ध सैनिक बल के जवान भी तैनात रहे। डीएसपी पवन कुमार हर परिस्थिति पर निगरानी रखते रहेे। रेलवे स्टेशन के आसपास एंबुलेंस से लेकर फायर ब्रिगेड की गाड़ी भी खड़ी रही। किसान नेताओं ने बार-बार गुजारिश की कि सरकार किसानों को राजनीतिक दुश्मनों की तरह न समझ किसानों की आवाज सुने और तीन कृषि कानूनों को रद्द करे। सोमवार को जाम व धरना की अगुवाई सुखदर्शन सिंह नथ, बूटा सिंह बुर्जगिल, बोघ सिंह मानसा, रमेश सुडाना, दिलबाग दलाल और जयकरण मांडोठी ने की।
ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के प्रदेश सचिव जयकरण मांडोठी ने रेलवे ट्रैक पर बैठे आंदोलनकारी किसानों और मजदूरों को संबोधित करते हुए कहा कि आज मोदी सरकार के फासीवादी हमलों के खिलाफ रेल रोको आंदोलन को पूरे देश के किसान, मजदूरों, कर्मचारियों, छात्रों, युवाओं व महिलाओं का समर्थन मिला है। लखीमपुर खीरी जघन्य हत्याकांड के साजिशकर्ता केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी को केंद्रीय मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने, गिरफ्तार करने, जेल में डालने और न्याय मिलने तक यह आंदोलन तेज होता जाएगा। हमें काले कानून रद्द करवाने, एमएसपी पर खरीद की गारंटी के कानून बनवाने के साथ फासीवाद के खिलाफ आंदोलन चलाना होगा। आंदोलन के अलावा कोई रास्ता नहीं है।

धरने पर बैठे किसानों के लिए रही लंगर की व्यवस्था। संवाद- फोटो : Bahadurgarh

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