झज्जर। कृषिमंत्री ओपी धनखड़ ने सोमवार को सरसों की खरीद का दावा किया गया था लेकिन गृह जिले के अधिकारी ही किसानों को नार्म्स में उलझाकर उनके इस दावे पर पानी फेर रहे हैं। अनाजमंडी में सोमवार को अलसुबह से ही किसान सरसों की खरीद का इंतजार कर रहे थे लेकिन सरसों की खरीद के लिए अधिकारी करीब एक बजे मंडी में पहुंचे। सरसों की खरीद जब हैफेड के अधिकारियों ने शुरू की तो किसानों को उम्मीद जगी थी कि अब उन्हें पिछले काफी दिनों की परेशानी से छुटकारा मिलेगी। लेकिन ऐसा हुआ नहीं, अधिकारी एक के बाद एक सरसों को ढेरियों को रिजेक्ट करते हुए आगे बढ़ने लगे तो किसानों का गुस्सा फूट गया।
किसानों ने खरीद का विरोध किया तो मौके पर तहसीलदार नेहा सहारण पहुंची। उन्होंने मौके से ही हैफेड के डीएम सुरेंद्र चौधरी को फोन किया और सरसों की खरीद सही ढंग से करवाने की बात की। इसके बाद तहसीलदार नेहा सहारण ने कहा कि मंगलवार से सरसों की खरीद सुबह 10 बजे शुरू होगी और सभी किसानों की फसल खरीदी जाएगी।
किसानों ने सरसों की बिक्री के लिए मंडी में ढेर लगाए हैं। सोमवार को हैफेड के अधिकारी खरीद के लिए पहुुंचे तो अधिकारियों ने किसी ढेर में लाल दाना बताकर तो किसी में कचरा ज्यादा बताकर रिजेक्ट कर दिया। वहीं सरसों के कुछ ढेर नमी की अधिक मात्रा बताते हुए हैफेड ने नहीं खरीदे।
आवक हुई करीब 10 हजार बैग, खरीद 2960 बैग
सोमवार को झज्जर की नई अनाज मंडी में सरसों की 10 हजार बैग के करीब आवक हुई लेकिन हैफेड ने केवल 2960 बैग की खरीद की गई। हैफेड अधिकारियों का कहना था कि मंडी में जो सरसों आई है वो उनके पैरामीटर पर खरी नहीं उतर रही, जिसके चलते उन्हें खरीद में दिक्कत आ रही है। वहीं गेहूं की 18 हजार बैग आवक हुई लेकिन खरीद केवल 3 हजार बैग की ही की गई।
क्या बोले किसान
1. गांव भदानी निवासी किसान जगबीर ने कहा कि सरसों खरीद को लेकर अधिकारी आनाकानी कर रहे हैं। सरकारी अधिकारियों व्यापारियों को लाभ पहुंचाने के लिए किसानों को परेशान कर रहे हैं। अगर हैफेड उनकी सरसों को नहीं खरीदेगा तो उन्हें कम दामों पर व्यापारियों को बेचने पर मजबूर होना पड़ेगा।
2. गांव मुनीमपुर निवासी किसान सूबेसिंह ने कहा कि अधिकारी हमारी सरसों को लाल दाना बताकर रिजेक्ट कर रहे हैं। अधिकारियों का तर्क है कि लाल दाना सरसों में तेल की मात्रा कम होती है, जबकि अधिकारियों ने सरसों का कोई लैब टेस्ट नहीं करवाया।
3. गांव पलड़ा निवासी किसान गोविंद ने बताया कि सरसों खरीद में किसानों की अनदेखी की जा रही है। अगर किसी ढेर में कुछ दाने कटे हुए हैं तो भी सरसों की खरीद नहीं हो रही। जब सरसों की कढ़ाई की जाती है तो थ्रेसर ही दानों को काट देती है, ऐसे में किसान की क्या गलती है जो खरीद नहीं की जा रही।
4. गांव भदानी निवासी किसान सोमबीर का कहना है कि सरसों खरीद में अधिकारी पूरी मनमानी कर रहे हैं। अगर मंडी में लाने के बाद खरीद नहीं होती है तो किसानों को दोहरा आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है। वहीं कुछ किसान तो पिछले एक सप्ताह से सरसों लेकर मंडी में बैठे हुए हैं लेकिन अभी तक खरीद नहीं की गई है।
वर्जन
सोमवार को हैफेड ने 1480 क्विंटल सरसों और 3 हजार बैग गेहूं की खरीद की है। सरसों की पैरामीटर पर सही नहीं उतरने के चलते ही खरीद को रिजेक्ट किया है। वहीं जो सरसों रिजेक्ट हुई है, एक बार फिर अधिकारी उनका निरीक्षण कर लेंगे। अगर किसी किसान की सरसों पैरामीटर पर सही मिलती है तो खरीद की जाएगी।
बसंत कुमार, सचिव, मार्केट कमेटी।
वर्जन
किसानों की समस्याएं जानने के लिए अनाज मंडी में गई थी। सरसों खरीद को लेकर जो समस्याएं किसानों ने बताई थी, उसको लेकर हैैफेड के अधिकारियों से बात की गई है। किसानों की सभी समस्याओं का मंगलवार से समाधान हो जाएगा।
नेहा सहारण, तहसीलदार, झज्जर।