कुछ किसानों ने सरसों को वापस ट्रॉलियों में लोड करना शुरू कर दिया। किसान सरसों को ट्रॉलियों को लोड कर कृषिमंत्री के आवास पर जाने की तैयारी कर रहे थे। इसी मामले की भनक मंडी के आढ़तियों को लग गई। जिस पर उन्होंने किसानों को समझा-बुझाकर रोक लिया। इसके बाद किसान सरसों खरीद को लेकर डीसी से मुलाकात करने के लिए पहुंचे। जहां पर डीसी आरसी बिढाण ने सोमवार से सरसों की सरकारी खरीद करवाने का आश्वासन दिया। इस पर किसानों ने भी अपना पक्ष साफ कर दिया कि अगर सोमवार को सरसों की खरीद नहीं हुई तो वे सरसों को ट्रॉलियों में लोड कर कृषिमंत्री के आवास पर खाली कर आएंगें
ये बोले किसान
सिलाना निवासी किसान लेखराम, बिरधाना निवासी किसान ओमप्रकाश, रामफल सिलाना, प्रवीन लुक्सर, रविंद्र, संदीप, अजीत रमेश व रामकिशन ने बताया कि वर्तमान सरकार की घटिया पॉलिसी के कारण किसानों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। उनका कहना था कि अभी तक सरसों की फसल की भी खरीद नहीं हो सकी है और और ऊपर से गेहूं की कटाई का दबाव भी बना हुआ है। ऐसे में वे समाधान के लिए किसके पास जाएं। किसानों ने कहा कि सरकार द्वारा 1 अप्रैल से गेहूं के साथ ही सरसों की फसल की खरीद की घोषणा के साथ ही उनके मन में उम्मीद जगी थी और वे अल सुबह ही सरसों को लेकर मंडी में आ गए। लेकिन शाम तक सरसों की खरीद को लेकर कोई भी समाधान नहीं किया गया। किसानों का सारा गुस्सा वर्तमान सरकार के मंत्रियों के प्रति उतर रहा था। सुबह से भूखे-प्यासे मंडी पहुंचे किसानों का कहना था कि अगर सोमवार को भी सरसों की खरीद नहीं की गई तो वे सरकार से किसान हितैषी उम्मीदों को छोड़कर कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ के जिला कार्यालय के सामने ही सरसों को छोड़ देंगे और सरकार से किसी भी प्रकार की सहायता की उम्मीद को भी इसके साथ ही त्यागने को मजबूर होंगे।
क्या कहना है पूर्व मंडी प्रधान हरेंद्र सिलाना का
सरसों की खरीद को लकर जब पूर्व मंडी प्रधान पार्षद हरेंद्र सिलाना से बात की गई तो उन्होंने कहा कि सरकार इस प्रकार का व्यवहार करके किसानों को तंग करने का काम कर रही है। आखिर सुबह से ही घर से सरसों की खरीद के लिए मंडी पहुंचे किसानों के लिए सरकार द्वारा खरीद ना करना एक बड़ी समस्या है। सरकार सरसों की खरीद को लेकर पहले घोषणा करती है और बाद में किसानों को खरीद ना होने के कारण सरसों को वापस भरकर घर लेकर जाना पड़ता है जिसके कारण एक किसान पर दो बार खर्चे को बोझ पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को चाहिए की घोषणा के साथ ही खरीद का कार्यवाही भी शुरू की जाए। इससे गरीब किसान को इस प्रकार के हालातों से दो चार ना होना पड़े।
मंडी पहुंचा करीब 8 हजार क्विंटल गेहूं, खरीद मात्र 1700 क्विंटल
शनिवार को मंडी में करीब 8 हजार क्विंटल गेहूं की आवक हुई जिसमें से हैफेड खरीद एजेंसी ने 1700 क्विंटल गेहूं की ही खरीद र्की। बाकी गेहूं मंडी में ही पड़ा हुआ है। इसका कारण गेहूं में नमी की मात्रा विभागीय मापदंडों के अनुसार ज्यादा बताई गई है। इसके बावजूद भी गेहूं की खरीद को लकर किसानों में अभी उम्मीद है। उनका मानना है कि खरीद के पहले ही दिन एजेंसी ने गेहूं की खरीद शुरू कर दी है। शायद गेहूं को लेकर तो उन्हें किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
अधिकारी गेहूं खरीद में किसी प्रकार की लापरवाही ना बरतें: गर्ग
झज्जर। हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष व हरियाणा कान्फैड के पूर्व चेयरमैन बजरंग दास गर्ग ने अनाज मंडी का दौरा किया व उसके उपरांत व्यापारियों कि समस्या सुनी व मीटिंग ली। व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष बजरंग दास गर्ग ने कहा कि किसान व व्यापारी का चोली दामन का साथ है। किसान हमारा अन्न दाता है और व्यापारी देश के रीढ कि हड्डी हैं। गर्ग ने कहा कि गेहूं का समर्थन मूल्य 1625 रुपये है, केंद्र सरकार को इस महंगाई को देखते हुए गेहूं खरीद पर किसान को कम से कम 300 रुपये बोनस देना चाहिए। प्रांतीय अध्यक्ष बजरंग दास गर्ग ने कहा कि प्रदेश में गेहूं की अच्छी पैदावार है और सरकार को सरकारी गेहूं खरीद के पुख्ता प्रबंध करने के सरकारी एजेंसी को सख्त आदेश देने चाहिएं। गेहूं खरीद का भुगतान 72 घंटों के अंदर-अंदर होना चाहिए व गेहूं की लिफ्टिंग में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए। प्रदेश की सभी मंडियों में तिरपाल की व्यवस्था सुचारू रूप से सरकारी एजेंसियां करे। अगर गेहूं उठान में अगर किसी प्रकार की देरी सरकारी एजेंसी करती है, अगर गेंहू उठान की देरी के कारण गेहूं में घटत आती है उस घटत का पैसा आढ़ती का ना कटकर उसकी वसूली सरकारी एजेंसी के अधिकारी व ठेकेदारों से की जाए।
उठान से व्यापारियों का होता है नुकसान
लापरवाही के कारण काफी दिनों तक मंडियों में से गेहूं का उठान नहीं किया जाता जिसके कारण गेहूं सूख जाता है और गेहूं की घटत होने के कारण पैसा सरकारी एजेंसी आढ़ती का काट लेती है जो सरासर गलत है। प्रांतीय अध्यक्ष बजरंग दास गर्ग ने कहा कि प्रदेश के किसी भी व्यापारी के साथ ज्यादती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कोई भी सरकारी अधिकारी अपने निजी स्वार्थ के लिए प्रदेश में किसी भी व्यापारी को तंग करेगा तो उसको बख्शा नहीं जाएगा। इस मौके पर व्यापार मंडल जिला प्रधान सोहन सिंह गुज्जर, अनाज मंडी प्रधान हरेन्द्र सिलाना, प्रधान अनिल सिंह, उदय सिंह दलाल पूर्व विधायक, चरण सिंह दलाल, भारत विकास परिषद के प्रधान राजपाल, विपिन बंसल, प्रमोद बंसल, अतुल शर्मा, व्यापार मंडल का प्रदेश सचिव हरिप्रकाश यादव, बालमुकंद शर्मा आदि व्यापारी नेता भारी संख्या में मौजूद रहे।