फोटो 73: डीएपी के लिए पैक्स के बाहर लगी किसानों की लाइन।
बादली। रबी फसल के लिए बादली पैक्स में डीएपी के 700 बैग वितरित किए गए। इससे किसानों को राहत मिली। हालांकि शाम 5 बजे जिन किसानों को डीएपी नहीं मिली, उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे को देखते हुए पुलिस ने स्थिति संभाली और किसानों को टोकन देकर शांत किया। जिन किसानों को कूपन दिए गए हैं उन्हें वीरवार को डीएपी मिलेगी।
बुधवार को डीएपी लेने के लिए किसानों की सुबह 6 बजे ही लाइन लग गई। किसानों की भीड़ को देखते हुए व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को मौके पर बुलाया गया। सुबह 9 बजे से पैक्स प्रबंधक की ओर से बैग वितरित करने का काम शुरू किया गया। हर किसान को आधार कार्ड की पहचान पर 4 बैग दिए गए। किसानों का कहना है कि चना, जौ, सरसों और गेहूं की फसलों में बिजाई के दौरान डीएपी की जरूरत है। इसके लिए वह कई दिनों से चक्कर लगा रहे हैं। अब डीएपी मिलने से बिजाई शुरू हो सकेगी।
वीरवार को टोकन से मिलेगा डीएपी
बुधवार शाम 5 बजे तक 700 बैग वितरित किए गए। इसके बाद किसानों ने हंगामा शुरू कर दिया। हंगामा देखते हुए पुलिस ने स्थिति संभाली और बचे हुए किसानों को टोकन देकर वापस भेजा। पैक्स में शेष रहे 300 बैग को टोकन के आधार पर वीरवार को किसानों में बराबर वितरित किया जाएगा। किसानों ने टोकन मिलने पर राहत महसूस की।
किसानों को राहत
बादली पैक्स के अधीन करीब 4 हजार एकड़ जमीन बिजाई योग्य है। आकड़ों के अनुसार 3500 डीएपी बैग की आवश्यकता है। इसमें से 3200 बैग वितरित किए जा चुके हैं। निजी दुकानों से भी किसानों ने कुछ बैग खरीदे हैं। कृषि अधिकारियों के अनुसार क्षेत्र में डीएपी की कमी नहीं है। वहीं, किसानों को डीएपी की कमी का भय सता रहा है।
स्टॉक ना करे किसान
बिजाई के लिए एक हजार बैग पैक्स में आए हैं जिनमें से 700 बैग वितरित किए गए हैं। बुधवार को आधार कार्ड जांच और मशीन से अपडेट करने के बाद बैग बांटे गए। क्षेत्र में डीएपी की कमी नहीं हैं। अभी तक कुल 3200 बैग बांटे गए हैं। ऐसे में किसानों को भी स्टॉक करने की बजाए जरूरत अनुसार ही डीएपी लेनी चाहिए। 300 डीएपी बैग किसानों को दिए गए कूपन के आधार पर वीरवार को दिए जाएंगे।
- वजीर सिंह, प्रबंधक पैक्स बादली।