बहादुरगढ़। टीकरी बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे किसानों ने पश्चिमी बंगाल में विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस की जीत की खुशी मनाई। किसानों ने कहा कि यह किसानों की जीत है। बंगाल की जनता ने किसान विरोधी सरकार को हराया है।
बंगाल में भाजपा की हार पर किसानों ने भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसान बोले कि बीजेपी को आइना दिखाना बहुत जरूरी था। बीजेपी को उसके किसान विरोधी फैसले लेने के कारण ही करारी हार का मुंह देखना पड़ा। प्रधानमंत्री मोदी की 50 रैलियां और जुमले भी काम नहीं आए। भाकियू सिद्धूपुर के बठिंडा जिला प्रधान अमरजीत सिंह ने कहा कि बंगाल चुनाव में बीजेपी के खिलाफ आंदोलनकारी किसान बंगाल गए थे। बीजेपी को अपनी हार को देखते हुए तीनों कृषि कानून तुरंत वापस करने चाहिए। अन्यथा जब तक कानून वापस नहीं होंगे, तब तक आंदोलन चलता रहेगा। बराड़ ने बताया कि संयुक्त मोर्चा 10 मई को आंदोलन की अगली रणनीति का एलान कर देगा।
बलकरण सिंह बराड़ के प्रदेश अध्यक्ष कुल हिंद किसान सभा पंजाब ने कहा कि इस आंदोलन को खत्म करने के लिए सरकार नए-नए कानून बनाने लग रही है। किसान नेताओं की सरकार के साथ 11 बार मीटिंग हो गई थी, मगर यह सरकार किसानों को कुचलने के लिए नए-नए हथकंडे अपना रही है। कोरोना को लेकर आए दिन कुछ ना कुछ झूठ बोल रही है। ऑक्सीजन व वैक्सीन पर्याप्त होने की अफवाह विदेश में फैलाकर सरकार लोगों को गुमराह कर रही है। सरकार अपनी सभी नाकामयाबियों को छुपाने में लगी है। बराड़ ने कहा कि हमने फसल के सीजन में भी हौसला नहीं छोड़ा है। यह सरकार खुद तो रैली करा रही है, कोई दूसरा करे तो उनको कारोना का डर दिखाया जा रहा है।
सभा में मौजूद किसानों को भाकियू डकौंदा के तरसेम सिंह, जम्हूरी किसान सभा पंजाब के अमरीक सिंह, भाकियू सिद्धूपुर के बठिंडा जिला प्रधान अमरजीत सिंह, क्रांतिकारी यूनियन पंजाब के मास्टर जसवंत सिंह, भाकियू सिद्धूपुर के जसपाल सिंह माजरा, भाकियू हरियाणा के वेदप्रकाश सैनी, भाकियू मानसा के गुरचरण सिंह, भाकियू राजेवाल के हरभजन सिंह, भाकियू हरियाणा के बालूराम, पंजाब स्टूडेंट फेडरेशन के मनप्रीत सिंह और भाकियू डकोंदा के सुखविंदर सिंह बाबा ने भी संबोधित किया।