टीकरी बॉर्डर पर संयुक्त किसान मोर्चा की सभा में मौजूद आंदोलनकारी।
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बहादुरगढ़। टीकरी बॉर्डर पर आंदोलनकारी किसानों ने बुधवार को डॉ. भीमराव आंबेडकर जयंती को संविधान बचाओ दिवस के रूप में मनाया। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया की ओर से केएमपी पर मंगलवार को शुरू की गई टोल वसूली को किसानों ने फिर बंद करवा दिया। किसानों ने मांडोठी व बहादुरगढ़ टोल प्लाजा पर पहुंच टोल वसूली बंद करवा दी, जबकि बादली में वसूली जारी रही।
एनएचएआई ने आसौदा मोड़ के निकट केएमपी के मांडोठी टोल प्लाजा और बादली टोल प्लाजा को मंगलवार को पुलिस बल की सुरक्षा में चालू करवा दिया था। केएमपी पर चलने वाले वाहनों से इन दोनों स्थानों पर टोल वसूली आरंभ कर दी गई थी। लेकिन बुधवार दोपहर को करीब 12 बजे 100 से अधिक किसान मांडोठी व बहादुरगढ़ टोल प्लाजा पर पहुंच टोल वसूली बंद करवा दी। इस मौके पर मौजूद उप पुलिस अधीक्षक पवन शर्मा और उपमंडल अधिकारी (नागरिक) हितेंद्र शर्मा ने किसानों को समझाने की बहुत कोशिश की, लेकिन किसानों टोल वसूली आरंभ करने पर सहमत नहीं हुए। किसानों ने कहा कि जब तीनों कृषि कानून वापस नहीं होंगे तब तक टोल नहीं वसूलने देंगे। उधर, केएमपी के बादली टोल प्लाजा पर वाहन चालकों से टोल वसूली जारी रही।
बॉर्डर पर किसानों ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती को संविधान बचाओ दिवस के रूप में मनाया। मंच पर किसान दिनभर डा. भीमराव आंबेडकर के फोटो वाले पोस्टर लेकर प्रदर्शन करते रहे। किसानों को संबोधित करते हुए किसान नेताओं ने किसान-मजदूर एकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों से खेती को नुकसान होगा तो दलित और दूसरे वर्गों के मेहनतकश मजदूरों को भी गुजारा करना मुश्किल हो जाएगा।
बलबीर सिंह ने कहा कि देश में आज के हालातों से लगता है कि सरकार को कम आय वर्ग की भी चिंता नहीं है। जोगेंद्र सिंह ने कहा कि भाजपा की केंद्र सरकार ने संविधान का मजाक बना लिया है। भाजपा संविधान में मनमाने ढंग से संशोधन करती है। पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए किसान, मजदूर व अन्य आम आदमी को नुकसान पहुंचाने वाले नए कानून जोड़े जा रहे हैं। तीन नए कृषि कानून भी भाजपा की इसी सोच का नतीजा हैं। सरकार ने कई श्रमिक विरोधी कानून बनाए हैं। इसलिए देश के मेहनतकश तबके को एक होकर संविधान की रक्षा करने की जरूरत है।
केएमपी को टोल फ्री करवाते किसान। संवाद- फोटो : 00