बहादुरगढ़। भारतीय किसान यूनियन एकता (उगराहां) के बठिंडा जिला उपाध्यक्ष बसंत सिंह ने कहा कि केवल किसान नहीं देश में सभी क्षेत्रों के लोग कृषि कानूनों के खिलाफ सामने आ रहे हैं। वह नयागांव चौक के पास किसानों की सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने एलपीजी और दूसरी चीजों पर दी सब्सिडी बंद करने के लिए केंद्र सरकार की निंदा की।
जसवंत सिंह टोलावल प्रखंड अध्यक्ष सुनाम ने आज के मंच से पराली के मुद्दे पर पंजाब सरकार को संबोधित करते हुए कहा कि पंजाब सरकार को अपनी नीति स्पष्ट करनी चाहिए या तो 200 रुपये प्रति क्विंटल धान का बोनस देना चाहिए या सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए। नहीं तो किसान खेत में पराली जलाने को मजबूर होंगे और किसानों के खिलाफ कार्रवाई के लिए तैयार रहेंगे।
मास्टर गुरचरण सिंह खोखर ब्लॉक नेता लहरागागा ने कहा कि मोदी सरकार का शासन करने का तरीका यह साबित करता है कि सरकारों का काम डंडे से शासन करना और संकट की स्थिति में सभी प्रकार के सरकारी संसाधनों को बेचना है।
प्रखंड भवानीगढ़ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मंजीत सिंह घराचोन और रायकोट प्रखंड के अध्यक्ष गुरप्रीत सिंह नूरपुरा ने कहा कि न केवल किसान कृषि कानूनों के खिलाफ लड़ रहे हैं बल्कि दूसरे क्षेत्रों के लोग भी कानूनों का विरोध कर रहे हैं। मंच संचालन लुधियाना जिले के वरिष्ठ उपाध्यक्ष कुलदीप सिंह ग्रेवाल ने किया और सरबजीत सिंह फतेहगढ़ साहिब, गुरभगत सिंह भलियाना ने भी मंच से संबोधित किया।