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पंजाब से चले किसान आज आएंगे टीकरी बार्डर

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टीकरी बार्डर पर किसान एकता के नारे लगाते किसान नेता। संवाद - फोटो : Bahadurgarh
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भारतीय किसान यूनियन एकता (उगराहां) से जुड़े मानसा और बठिंडा जिलों के किसान अपने-अपने जिलों से विशेष बसों में सवार होकर टीकरी बार्डर के लिए रवाना हुए। मंगलवार को उन किसानों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे जिनकी लखीमपुर प्रकरण में मौत हो गई थी।
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भारतीय किसान यूनियन संगरूर के महासचिव दरबारा सिंह छाजला ने बताया कि मानसा और बठिंडा से किसानों का काफिला मानसा जिला अध्यक्ष अमरजीत सिंह सडोके और जिला बठिंडा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मोथू सिंह कोटरा की अगुआई में टीकरी बार्डर आएगा। यहां नयागांव चौक के निकट आयोजित सभा में उन पांचों किसानों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। मानसा जिले के महासचिव इंद्रजीत सिंह झब्बर ने पिछले एक साल के किसान संघर्ष की तुलना मलिक भागो संघर्ष से की। उन्होंने कहा कि जनविरोधी कानून लाया जा रहा है। आज मलिक भागो (कारपोरेट घरानों, आज के पूंजीपतियों) की भूमिका केंद्र सरकार निभा रही है। आज समय की मांग है कि हमें धर्मों, जातियों, जनजातियों, क्षेत्रों की गुटबाजी से ऊपर उठकर एक साझा मंच पर एक साथ आकर दुष्ट शासक वर्गों के खिलाफ मजबूती से लडें।
जिला पटियाला की महिला नेता गुरप्रीत कौर बरस ने कहा कि आने वाले दिनों में धान का मौसम शुरू होने के साथ ही हमारे किसानों को अपनी फसल खुद ही काटनी है, गेहूं की बुआई करनी है और कृषि कानूनों के खिलाफ लडना भी है। डॉ. अनूप सिंह, गुरमत प्रकाश के पूर्व संपादक सुरिंदर सिंह निमाना ने भी सभा को संबोधित किया। मंच से डॉ. अनूप सिंह की पुस्तक .पहने हैं किस मुकाम ते. का भी विमोचन किया गया। मंच साचलन मानसा जिला नेता मेजर सिंह गोबिंदपुरा ने किया और सरबजीत सिंह फतेहगढ़ साहिब ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
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