झज्जर। हरियाणा एजुकेशन मिनिस्ट्रीयल स्टाफ एसोसिएशन (हेमसा) के जिला सचिव सतबीर धनखड़ ने कहा है कि विभिन्न मांगों को लेकर कर्मचारी 26 दिसंबर को शिक्षामंत्री के आवास पर प्रदर्शन करेंगे। साथ ही 12 दिसंबर को डीसी दफ्तरों पर होने वाले हल्ला बोल कार्यक्रम में शामिल होंगे।
उन्होंने बताया कि 12 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की बैठक शिक्षा सदन, पंचकूला में अतिरिक्त निदेशक प्रशासन के साथ हुई थी, जिसकी अगुवाई प्रांतीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष संदीप सांगवान ने की थी। बैठक में जिन मुददों पर पहले सहमति बनी थी उस पर कोई कार्रवाई न होने पर विरोध दर्ज करवाया गया। वरिष्ठता सूची अपडेट, दूर-दराज स्थानातंरण का समायोजन, विकलांग कर्मियों सहित सभी पदोन्नतियां करने के लिए अधिकारियों ने कुछ और समय देने की बात कही। धनखड़ ने कहा कि वरिष्ठता, एसीपी व पदोन्नति का समय पर लाभ देना कर्मचारियों की मांगे नहीं उनके अधिकार हैं जो उन्हें समय पर मिलने चाहिए। परंतु शिक्षा सदन के अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से बच रहे हैं। फील्ड मिनिस्ट्रियल कर्मी परेशान हैं इसलिए हेमसा ने विभागीय समस्याओं के समाधान को लेकर 26 दिसंबर को शिक्षामंत्री के यमुनानगर आवास पर रोष प्रदर्शन का फैसला किया है। इसके अलावा मिनिस्ट्रियल स्टाफ की पे-मेट्रिक्स लेवल-6 में वेतन 35400, पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के बैनर तले 12 दिसंबर को राज्य भर में डीसी दफ्तरों पर होने वाले हल्ला-बोल प्रदर्शनों में भाग लेने का निर्णय लिया है। धनखड़ ने कहा कि ऑनलाइन ट्रांसफर में मिडल स्कूलों में क्लर्क की पोस्ट, डाइट व दफ्तरों में असिस्टेंट की पोस्ट को दूर-दराज बदल दिया गया। शिक्षा सदन अपनी मर्जी कर कर्मचारियों का शोषण कर रहा है जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। एसीपी मामले पिछले एक वर्ष से शिक्षा सदन में लंबित पड़े हैं। अनावश्यक एतराज लगाकर मामले वापिस भेजे जा रहे हैं। मौलिक विभाग में पोर्टल पर आ रही तकनीकी त्रुटि को पिछले एक साल से दूर नहीं किया गया। लीपापोती कर समस्याओं का लटाकाए रखना चाहते हैं। इन हालत में संघर्ष के अलावा कोई रास्ता नहीं है। प्रतिनिधि मंडल में उदयभान यादव, कमलजीत बख्तुवा, सतीश सेठी, सावित्री देवी, राजेश लांबा, रमेश कंबोज, हितेंद्र सिहाग, सुजान मालड़ा, बलबीर कुम्हारिया, बलजीत खरब, सतनाम सिंह व भूपेंद्र शर्मा शामिल थे।