बहादुरगढ़। शहर में आवारा कुत्तों की संख्या और उनके काटने के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है और नगर परिषद की ओर से कुत्तों का बधियाकरण कार्य करीब 15 दिन से ठप पड़ा है। रोजाना 80 केस आ रहे हैं। मुआवजे के लिए कोई आवेदन नहीं आया है।
27 दिसंबर 2025 को जीव प्रेमियों की ओर से कुत्तों को पकड़कर रोहतक भेजे जाने का विरोध करने तथा बधियाकरण करने वाली संस्था नैन फाउंडेशन द्वारा नियमों की उल्लंघना को लेकर दी गई शिकायत के बाद काम शुरू नहीं हो सका है। अब नगर परिषद संस्था द्वारा शेल्टर होम बहादुरगढ़ में बनाए जाने के बाद कुत्तों का बधियाकरण काम शुरू होगा।
नगर परिषद ने जल्द से जल्द शेल्टर होम बनाने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल रोजाना नागरिक अस्पताल में डॉग बाइट के 70-80 केस आ रहे हैं। यहां पर रेबीज के इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट की ओर से डाॅग बाइट केस में मुआवजे के लिए फिलहाल किसी भी पीड़ित ने आवेदन नहीं किया है।
3 हजार से ज्यादा कुत्तों का होना है बधियाकरण
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद नगर परिषद ने 3 हजार आवारा कुत्तों का बधियाकरण (नसबंदी) कराने का निर्णय लिया था। इस कार्य के लिए परिषद की ओर से करीब 36 लाख रुपये का वर्क ऑर्डर जारी किया था। प्रत्येक कुत्ते की नसबंदी पर 1189 रुपए खर्च होने हैं। यह जिम्मेदारी जींद स्थित नैन फाउंडेशन को दी है, जिसका विरोध पहले ही दिन हो गया था।
बोले- जीव प्रेमी
मंजीत सहरावत, शालू, कविता आदि का कहना है कि कुत्तों का बधियाकरण जरूरी है लेकिन नैन फाउंडेशन की ओर से कुत्तों को पकड़कर रोहतक ले जाया जा रहा है। यह नियमों के खिलाफ है। इस संस्था का काम रोहतक में भी नियमों के अनुरूप नहीं है। नगर परिषद इस संस्था के खिलाफ कार्रवाई करे और नियमानुसार ही कुत्तों का बधियाकरण कराया जाए।
नागरिक अस्पताल में वर्ष अनुसार डॉग बाइट के केस
वर्ष डाॅग बाइट केस
2021 2433
2022 6050
2023 9404
2024 13314
जुलाई 2025 12257
कुल 42458
नोट: यह आरटीआई के तहत मिली जानकारी के अनुसार हैं।
कुत्तों के बधियाकरण का काम फिलहाल बंद है। जीव प्रेमियों के विरोध के कारण काम रोका गया था। ऐसे में एजेंसी को बहादुरगढ़ में शेल्टर बनाकर कुत्तों का बधियाकरण जल्द से जल्द शुरू करने के निर्देश दिए हैं। कुत्ते के काटने के केस में मुआवजे के लिए कोई आवेदन नहीं आया है।
- सुनील हुड्डा, सफाई निरीक्षक, नगर परिषद, बहादुरगढ़।