14jjrp06- झज्जर। पतंग उड़ाते हुए युवा। संवाद
झज्जर। मकर संक्रांति पर्व पर पतंगबाजी का खास महत्व रहा। सर्द मौसम में डीजे की धुन ने पतंगबाजों के हौसलों को इतना बढ़ाया कि सबकी पतंगों ने आसमान की नई ऊंचाइयों को छुआ। आसमान में पतंग ही पतंग नजर आई।
हर छत पर वा काटी, आ गई लूट ले, पकड़ ले, या रही डोर पकड़, या गई और काट दी की आवाज से शहर गुंजायमान रहा।बुधवार को दिनभर जमकर शहरवासियों ने पंतगे उडाई। कुछ स्थानों पर लोगों ने आतिशबाजी भी की।
पतंग काटने की स्पर्धा ने इसे प्रतिस्पर्धा का रूप दे दिया, जिससे पतंगबाजी खुले आसमान में एक रणभूमि बन गई। सूर्यास्त के बाद तक भी आसमान में पतंगें उड़तीं रहीं।
14jjrp06- झज्जर। पतंग उड़ाते हुए युवा। संवाद