जींद। सप्ताह में दूसरी बार हरियाणा सिविल मेडिकल एसोसिएशन के आह्वान पर चिकित्सकों ने हड़ताल कर ओपीडी में मरीजों को नहीं देखा। अस्पताल में व्यवस्था बनाए रखने के लिए सेवानिवृत चिकित्सक, बीएएमएस, एनएचएम के तहत लगे चिकित्सकों को ओपीडी में बैठाया गया, लेकिन यह चिकित्सक उपचार की बजाए केवल मरहम ही लगा सके।
विशेषज्ञ चिकित्सकों के न बैठने से आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और लोगों को निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ा। इमरजेंसी में खुद सिविल सर्जन डॉ. गोपाल गोयल व प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. जितेंद्र कादियान ने मरीजों का इलाज किया। रात को हड़ताली चिकित्सकों ने लोगों की भलाई के लिए निर्णय लिया कि यदि दूसरे चिकित्सक ओपीडी करेंगे तो वह उनको रोकेंगे नहीं। शुक्रवार नागरिक अस्पताल में ओपीडी में 805 लोग पहुंचे। गायनी वार्ड में जांच के लिए सेवानिवृत चिकित्सक को बुलाया। हड़ताल के कारण आम दिनों की बजाए बहुत कम मरीज उपचार के लिए अस्पताल पहुंचे।
हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन के आह्वान पर जिलेभर के चिकित्सकों ने हड़ताल रखी। एचसीएमए के जिला प्रधान डाॅ. बिजेंद्र ढांडा, डाॅ. संदीप लोहान, डिप्टी एमएस डाॅ. राजेश भोला, डाॅ. देवेंद्र बिंदलिश ने बताया कि नागरिक अस्पतालों में स्पेशलिस्ट चिकित्सकों की भर्ती करने, जनसंख्या के हिसाब से अधिक से अधिक चिकित्सकों की भर्ती करने, एसीपी का चार बार लाभ देने की उनकी मांग हैं, लेकिन सरकार द्वारा उनकी मांगों पर कोई संज्ञान नहीं लिया जा रहा है। डाॅ. राजेश भोला ने बताया कि मांगों को लेकर स्वास्थ्य विभाग तथा अधिकारियों को अवगत करवाया जा चुका है लेकिन मांगों को पूरा करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है। इसके चलते मजबूरन चिकित्सकों को यह कदम उठाना पड़ रहा है।
बीएएमएस, एनएचएम चिकित्सकों के सहारे व्यवस्था
वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर बीएएमएस व एनएचएम के तहत लगे चिकित्सकों को ओपीडी के लिए अस्पतालों में बुलाया गया। गाइनी वार्ड के लिए भी सेवानिवृत्त चिकित्सक को बुलाया गया। सबसे ज्यादा परेशानी मेडिकल प्रक्रिया को लेकर हुई। वहीं जिला कारागार से लाए गए कैदियों के उपचार को लेकर भी पुलिसकर्मियों को परेशानी हुई।
नहीं हुआ कोई पोस्टमार्टम
गनीमत रही कि शुक्रवार को नागरिक अस्पताल में कोई शव नहीं आया। चिकित्सकों ने पोस्टमार्टम के लिए भी मना किया हुआ था। यदि कोई शव आता तो बड़ी परेशानी होती। भगवान का शुक्र है कि शुक्रवार को किसी की भी मौत नहीं हुई।
लोगों को हुई परेशानियां
चमेला कॉलोनी नरवाना निवासी सुदेश ने कहा कि उसे पीलिया हो गया है। वह दवाई लेने आई थी लेकिन कोई चिकित्सक ओपीडी में नहीं मिला। इसके बाद उसे इमरजेंसी में दवाई दी गई। मोहम्मद खेड़ा निवासी धनपति अपने पांव की हड्डी दिखाने आई थी। उसे कुछ दिन पहले चोट लगी थी, लेकिन वह ठीक नहीं हो रही थी। उसे शनिवार को अस्पताल में आने के लिए कहा गया। मिर्धा पत्ती नरवाना निवासी अनूप को सुबह उल्टियां लग रही थी और चक्कर आ रहे थे। उसका भी इमरजेंसी में इलाज किया गया।
उपचार के लिए आए बुजुर्गों ने लगाई गुहार
नागरिक अस्पताल में अपना इलाज करवाने आए बुजुर्ग लोगों ने स्वास्थ्यमंत्री अनिल विज से गुहार लगाई, रै विज क्यों नी इन डॉक्टरां की आवाज सुनदां, क्यों गरीबां नै परेशान कर रा है। पहले ए डॉक्टरां की कमी है और ईब जो थोड़े हैं, वो भी छोडूं फिरै हैं। जे न्यू ए डॉक्टर हड़ताल करदे रए तो अस्पतालां मैं कौन इलाज करवान आवेगा।
चिकित्सकों की हड़ताल को लेकर पहले ही तैयारियां कर ली गई थी। अस्पताल में इमरजेंसी, पोस्टमार्टम और लेबर जैसी सेवाओं को आम दिनों की तरह सुचारू रखा गया है। इसके अलावा बीएएमएस व एनएचएम के तहत लगे चिकित्सकों ने उपचार किया है। उन्होंने तथा प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. जितेंद्र कादियान ने इमरजेंसी में सेवाएं दी। किसी मरीज को परेशान नहीं होने दिया।
डॉ. गोपाल गोयल, सिविल सर्जन।
29जेएनडी19 : चमेला कॉलोनी निवासी सुदेश।
29जेएनडी19 : चमेला कॉलोनी निवासी सुदेश।
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