बादली। अब समय आ गया है कि मानसिक बीमारियों के प्रति समाज में जो भ्रम व गलत विचार हैं, उनका उपचार कराएं। ऐसी बीमारियों से ग्रस्त होने के पश्चात भी लोग चिकित्सक के पास जाने के बचते हैं। अब ऐसी गलत सोच से बाहर आना होगा। प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के मामले में निरंतर इजाफा हो रहा है। प्रत्येक जिले में मानसिक रोगों के इलाज के लिए विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध हैं।
यह बात हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कही। सीएमई कार्यक्रम का उद्घाटन मानसिक स्वास्थ्य संस्थान के निदेशक डॉ. राजीव गुप्ता ने किया। उन्होंने कार्यक्रम के अध्यक्ष डॉ. ब्रह्मदीप सिंधु को महत्वपूर्ण विषय पर आयोजित कार्यक्रम के सफल आयोजन पर बधाई दी। साथ ही उन्होंने सोसाइटी फॉर रूरल मैटल हैल्थ के पदाधिकारियों को ग्रामीण आंचल में मानसिक स्वास्थ्य एवं नशा मुक्त अभियान चलाने के लिए प्रेरित किया। वहीं कैंसर और ग्रामीण क्षेत्रों में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर पैनल डिस्कसन हुआ।
इस अवसर पर दिल्ली एम्स मनोरोग विभाग के अध्यक्ष डॉ. प्रताप शरण, हरियाणा मेडिकल काउंसिल के ऑब्जर्वर डॉ. प्रवीण गर्ग, राष्ट्रीय कैंसर संस्थान के डॉ. हरी सागी राजू, डॉ. विनय कुमार एवं कोषाध्यक्ष डॉ. अमित सोनी मौजूद रहे। संगोष्ठी में एनसीआई से डॉ. जितेंद्र कुमार मीणा, डॉ. राजीव गुप्ता, एम्स ऋषिकेश से डॉ. विशाल धीमान, एम्स दिल्ली से डॉ. विजय प्रसाद, पीजीआई रोहतक से डॉ.भूपेंद्र, नल्हड़ मेडिकल कॉलेज से डॉ. निखिल गोयल ने अपना संबोधन दिया।
इन्होंने दिया व्याख्यान
मनोरोग विभाग पीजीआई रोहतक के निदेशक प्रोफेसर डॉ. पुरुषोत्तम व सहायक प्रोफेसर डॉ. अमनदीप, दिल्ली एम्स मनोरोग विभागाध्यक्ष डॉ. प्रताप शरण, डॉ. ब्रह्मदीप सिंधु, अमृता अस्पताल के मनोरोग विभागाध्यक्ष डॉ. राकेश चड्ढा, पीजीआई चंडीगढ़ डॉ. असीम मेहरा।