फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फर्जी कॉलेज का भंडाफोड़, डायरेक्टर गिरफ्तार

Fri, 18 Sep 2015 01:00 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला झज्जर
विज्ञापन
विज्ञापन
गांव सुरहेती में चल रहे एक फर्जी कॉलेज का भंडाफोड़ हुआ है। इसका डायरेक्टर पिछले कई सालों से विद्यार्थियों को डिस्टेंस एजूकेशन की डिग्रियां देने के नाम पर चूना लगाकर उनका भविष्य अंधकार में धकेल रहा था।
विज्ञापन


बृहस्पतिवार को झज्जर थाना पुलिस ने कॉलेज के डॉयरेक्टर को इस मामले में गिरफ्तार कर लिया है। जिस पर केस करने के बाद उसेअदालत में पेश किया गया, जहां से उसे तीन दिन के लिए पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। जानकारी के अनुसार कागजों में फर्जीवाड़ा करके गांव सुरहेती में श्रीराम कॉलेज ऑफ डिस्टेंस एजूकेशन नाम से एक फर्जी कॉलेज चल रहा था। जिसका डायरेक्टर भिवानी जिले की दादरी तहसील के गांव खेड़ी बूरा निवासी अनिल कुमार है।

कॉलेज की प्रमाणिकता पर शक होने के कारण डॉयरेक्टर वेलफयेर ऑफ शेड्यूल कॉस्ट एंड बैकवर्ड क्लासेज डिपार्टमेंट हरियाणा ने इस संबंध मे जिला प्रशासन को जांच के लिए सूचित किया था।
विज्ञापन


इस पर तत्कालीन एडीसी पुष्पेंद्र सिंह चौहान ने मामले की जांच की तो सारा मामला परत दर परत खुलने लगा। गंभीरता से जांच करने पर पता चला कि यह कॉलेज ही फर्जी है। एडीसी द्वारा की गई जांच के आधार पर पुलिस ने फर्जी कॉलेज के डॉयरेक्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे बृहस्पतिवार को उसे गिरफ्तार कर लिया।

171 विद्यार्थियों के मिले रिकॉर्ड
जांच में इस फर्जी कॉलेज में 171 विद्यार्थियों का रिकार्ड मिला है। आसार हैं कि इन विद्यार्थियों से कॉलेज संचालक ने काफी रुपये ऐंठे हुए हैं। इन सभी विद्यार्थियों को डिग्री का लालच देकर बहकाया गया था। किस विद्यार्थी से कितने रुपये एेंठे हुए हैं, यह जांच में पता चल पाएगा। सूत्रों की मानें तो इन विद्यार्थियाें से कई लाख रुपये की हेरा-फेरी की गई है।

एक कमरे में चल रहा था कॉलेज
सुरहेती में बनाया गया यह फर्जी कॉलेज केवल एक ही कमरे में चल रहा था। तत्कालीन एडीसी पुष्पेंद्र सिंह चौहान ने जब मौके पर जाकर देखा तो वहां एक कमरे के अलावा और कोई सुविधा नहीं मिली।

कमरे में कोई ब्लैकबोर्ड भी नहीं था। कॉलेज के लिए जरूरी स्पोर्ट्स ग्राउंड, लाइब्रेरी व लैब भी वहां पर नहीं बनाई गई थी। यह रिपोर्ट एडीसी ने फारवर्ड की थी। इसी के आधार पर डॉयरेक्टर अनिल कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया तथा उन्हें गिरफ्तार किया गया।

किसी यूनिवर्सिटी से नहीं है मान्यता
अनिल कुमार वहां आने वाले विद्यार्थियों से झूठ बोलता था कि कर्नाटक यूनिवर्सिटी से उनके कॉलेज की मान्यता है। लेकिन जांच किसी भी यूनिवर्सिटी से मान्यता के दस्तावेज अनिल कुमार पेश नहीं कर पाया। इस मामले को काफी गंभीर मानते हुए तत्कालीन एडीसी पुष्पेंद्र सिंह चौहान ने अपनी रिपोर्ट तैयार की थी।

तीन लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ है मुकदमा : एसपी
एसपी सुमित कुमार ने बताया कि तत्कालीन एडीसी पुष्पेंद्र सिंह चौहान द्वारा की गई जांच की प्रति को उनकी ओर से निदेशक, वेलफेयर ऑफ शेड्यूल कॉस्ट एंड बैकवर्ड क्लासेज विभाग को भेजा गया।

उसी के आधार पर यह मामला उनके संज्ञान में आने के बाद जिला स्तर पर पुलिस की ओर से आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज करते हुए गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्त में आए आरोपी को अदालत में पेश किया गया। जहां से उसे तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है।
विज्ञापन


एसपी सुमित कुमार ने बताया कि इस मामले मे अनिल कुमार के अलावा दो अन्य के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है। जल्द उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

फोटो सहित
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें