बहादुरगढ़। गांव सिद्दीपुर-लोवा कलां के बिजेंद्र हत्याकांड में नामजद ईनामी आरोपियों के पुलिस पकड़ से बाहर रहने पर मंगलवार को परिजनों ने कड़ा रोष जताया। उन्होंने इस मामले में पुलिस पर ढिलाई बरतने के आरोप लगाए।
पुलिस महानिरीक्षक से मिलकर उन्होंने जल्द उनकी गिरफ्तारी की मांग की ताकि वे सुरक्षित रहे सकें। भयभीत हैं परिजन मृतक बिजेंद्र के पिता महेंद्र, मां राजबाला, पत्नी सुषमा, बहन कविता के अलावा परिवार के काफी लोगों व कुछ अन्य ग्रामीण मंगलवार को थाना सदर पहुंचे।
यहां उन्होंने हत्यारोपियों जग्गी व अनिल के अभी तक न पकड़े जाने पर कड़ा रोष भी जताया। उन्होंने कहा बिजेंद्र को बेवजह गोली चलाकर उसे मौत के घाट उतार दिया था। उसकी किसी से कोई रंजिश नहीं थी। उसकी हत्या हुए एक माह बीत चुका है मगर मुख्य हत्यारोपी जो कि पहले भी गांव में हत्याएं कर चुके हैं उनके पकड़ में न आने से उन पर हर वक्त मौत का साया बना रहता है। मृतक के पिता महेंद्र का कहना है हत्यारोपियों के फरार रहने पर उन्हें भय सताता रहता है कि कहीं वे और किसी को मौत के घाट न उतार दें।
धमकी भरी कॉल
उन्होंने कहा कि तीन दिन पूर्व भी उसके मोबाइल फोन पर एक कॉल आई। जिसमें कॉल करने वाले ने अपने को जग्गी बताया और परिवार के सदस्यों को जान से मारने की धमकी देने लगा। इसके बाद से परिवार काफी सहमा हुआ है। डर के मारे न तो वे अपना कामकाज कर रहे हैं और न ही कहीं बाहर जा रहे। हर पल उन्हें यह अंदेशा सताता रहता है कि कहीं उन पर कोई हमला न कर दें।
उन्होंने स्थानीय पुलिस अधिकारियों पर हत्यारोपियों को पकड़ने में ढिलाई बरतने के आरोप लगाए। आईजी श्रीकांत जाधव के समक्ष महिलाओं ने अपना दुखड़ा सुनाते हुए कहा कि उन्हें हर वक्त जान का खतरा बना रहता है। इस पर आईजी श्रीकांत जाधव ने उनकी फरियाद सुनते हुए पुलिस अधिकारियों को अपराधियों के शीघ्र पकड़ने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि परिवार की सुरक्षा को लेकर किसी तरह की कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
भून दिया था गोलियों से
बता दें कि गत 31 जुलाई को बिजेंद्र पुत्र महेंद्र की उस समय गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी जब वह अपने एक साथी के साथ घर से खेतों की तरफ घूमने के लिए गया था। इस वारदात के बाद गुस्साये परिजनों ने बहादुरगढ़ पहुंचकर ट्रॉमा सेंटर के बाहर रोष स्वरूप जाम लगा दिया था। यही नहीं अगले दिन शवगृह में भी काफी देर तक पुलिस व परिजनों के बीच नोक झोंक हुई थी।