बहादुरगढ़। मेट्रो स्टेशनों पर सुबह और शाम के समय यात्रियों की भारी भीड़ हो जाती है। बहादुरगढ़ के तीनों स्टेशनों के अलावा ग्रीन लाइन के सभी मेट्रो स्टेशनों पर यह दिक्कत ज्यादा आ रही हैं। यात्रियों ने गाड़ियों में सीट की क्षमता और बढ़ाने की मांग की है।
दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन ने मेट्रो में कोविड-19 से बचाव के लिए लागू नियमों का पालन करने के लिए सेवाओं को काफी हद तक सीमित कर रखा है। गाड़ियों में सीट की क्षमता 50 फीसद रखी गई है। गाड़ियों में खड़े होकर यात्रा करने पर प्रतिबंध है। उधर, किसान आंदोलन के चलते हरियाणा-दिल्ली का टीकरी बॉर्डर सील है। इसलिए बहादुरगढ़ व दिल्ली के बीच हरियाणा राज्य परिवहन की अधिकतर बसें और दिल्ली परिवहन की सभी बसें बंद हैं। हरियाणा रोडवेज की चुनिंदा बसें दूसरे रूटों से दिल्ली जाती हैं। इनसे बहादुरगढ़ व दिल्ली के बाच सार्वजनिक परिवहन सेवा की पूर्ति नहीं हो पाती और लगभग सारा भार मेट्रो पर है।
दिल्ली के नाया बाजार में कार्यरत बहादुरगढ़ के विनोद कुमार हर रोज मेट्रो से दिल्ली जाते हैं। विनोद ने कहा कि कोरोना लॉकडाउन में मिली ढील के बाद से दिल्ली-एनसीआर में मेट्रो ट्रेन का संचालन शुरू तो कर दिया गया है, लेकिन मेट्रो स्टेशनों के बाहर लंबी लाइन में लगना पड़ता है। गाड़ियों में सीटिंग क्षमता और फ्रीक्वेंसी बढ़ाए जाने की जरूरत है। साथ ही ग्रीन लाइन पर हरेक स्टेशन का दूसरा गेट भी खोल देना चाहिए। संजय, राकेश और रीटा जैसे व्यापारी और दैनिक यात्री भी डीएमआरसी से शिकायत कर रहे हैं। पीक समय में ट्रेनों की संख्या बढ़ाई जाए
यात्रियों की इन मांगों को देखते हुए डीएमआरसी ने साफ किया है कि दिल्ली-एनसीआर में ट्रेनों के 5100 फेरे रोजाना लगवाए जा रहे हैं। पीक समय में ढ़ाई से पांच मिनट में लगभग सभी बड़े कॉरिडोर में ट्रेनें मिल रही हैं। मेट्रो ट्रेनों की यही फ्रीक्वेंसी कोरोना से पहले सामान्य समय में भी थी। डीएमआरसी ने कहा कि कोरोना के कारण लगी पाबंदियों और मेट्रो ट्रेनों में यात्रियों की संख्या सीमित करने की गाइडलाइन के कारण मेट्रो स्टेशनों के अंदर यात्रियों की लंबी लाइनें दिख रही हैं। तकलीफ की दूसरी वजह यह है कि मेट्रो के अंदर यात्रियों को सिर्फ सीटों पर बैठकर ही यात्रा करने की अनुमति दी गई है। खड़े होकर यात्रा करने की इजाजत नहीं है। इसलिए भी लोगों को लग रहा है कि फ्रीक्वेंसी कम है या मेट्रो ट्रेनों के फेरे कम कर दिए गए हैं।