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इंतजार करो सब कुछ ठीक होगा : डीसी

Sat, 17 Sep 2016 12:45 AM IST
ब्यूरो_अमर उजाला_झज्जर
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बैठक - फोटो : bureau
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इंतजार करो सब कुछ ठीक होगा? पहली बार शहर के व्यापारी वर्ग से रूबरू हो रहा हूं, अब आगे वार्ड टू वार्ड जाकर लोगों की समस्याएं सुनी जाएंगी। शहरवासियों को किसी तरह की परेशानियों का सामना नहीं करने दिया जाएगा। उनका प्रयास यहीं रहेगा कि आम जन को सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ मिल सके और ग्राउंड लेवल पर भी कोई परेशानी न हो।
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यह कहना है शहर के नवनियुक्त उपायुक्त आरसी बिढ़ाण का। आरसी बिढ़ाण शुक्रवार देर शाम शहर की पंजाबी धर्मशाला में व्यापारी वर्ग से रूबरू हो रहे थे। इस दौरान शहर के प्रमुख व्यापारी और प्रबुद्ध जन उपस्थित रहे। उपायुक्त ने शहर के सौंदर्यीकरण और विकास के लिए उनके सुझाव भी लिए और उन सुझावों पर जल्द अमलीजामा पहनाने की बात भी कही।

अतिक्रमण न करने और दुकानों पर डस्टबिन रखने की हिदायत
डीसी ने कहा कि गंदगी के कारण जहां वातावरण दूषित होता है, वहीं बीमारियां भी पनपती हैं। ऐसे में दुकानदार अपनी दुकान के साथ सड़क पर गंदगी न फैलने दें। उन्होंने दुकानदारों को विशेषकर कंफेक्शनरी वालों को दो कूड़ेदान रखते हुए कूडा़-करकट नालियों में न डालने को कहा। उन्होंने बताया कि नालियों में कूड़ा करकट एकत्रित होने से गंदे पानी की निकासी बाधित होती है, जिससे गंदा पानी सड़क पर फैलता है। उन्होंने बताया कि नगरपालिका की ओर से निर्धारित स्थानों पर कूड़ेदान रख दिए जाएंगे और उक्त कूड़ेदान से नियमित उठान भी सुनिश्चित किया जाएगा। 
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उपायुक्त की हिदायतों का भी नहीं दिखा असर
बीते दिनों शहर के लघु सचिवालय परिसर में हुई पालिका पार्षदों की बैठक के दौरान महिला पार्षदों की उपस्थिति न होने और उनके स्थान पर उनके परिजनों द्वारा बैठक अटैंड करने पर डीसी ने नाराजगी जाहिर की थी। डीसी ने चयनित पार्षदों को ही मीटिंग में आने के आदेश दिए थे, लेकिन उनके आदेशों की शुक्रवार के कार्यक्रम में भी अवहेलना हुई और पालिका चेयरपर्सन की जगह उनके पति और वार्ड नंबर तीन की पार्षद के जगह उनके पति के आने पर डीसी के आदेशों की अवहेलना होती दिखाई दी।

चेयरपर्सन की जगह उनके पति की उपस्थिति चर्चा का विषय
सरकार द्वारा भले ही महिला सशक्तिकरण की बात कहते हुए महिलाओं को बराबर का दर्जा देकर प्रतिनिधि चुनने की बात कही जाती हो, लेकिन विभिन्न सार्वजनिक कार्यक्रमों और बैठकों में चयनित महिलाओं की जगह उनके परिजनों का उपस्थित रहना आम तौर पर देखा जा सकता है। खासकर पालिका चेयरपर्सन कविता नंदवानी की जगह उसके पति उमेश नंदवानी द्वारा मीटिंग अटेंड करना न केवल नियमों की अवहेलना मानी जा रही है, बल्कि महिला सशक्तिकरण पर भी सवालिया निशान लगा रही है।
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