फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jhajjar-Bahadurgarh News: छात्रवृत्ति के लिए 42 फीसदी विद्यार्थियों का डाटा नहीं हुआ अपडेट

Thu, 11 Jan 2024 12:59 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
विज्ञापन
विज्ञापन
झज्जर। वर्ष 2023-2024 के लिए कक्षा एक से आठवीं तक के पात्र विद्यार्थियों की मासिक स्कीमों की दूसरी, तीसरी व चौथी किस्त जारी करने के लिए विभाग द्वारा आनलाइन डाटा अपडेट करने के आदेशों का पालन नहीं हो रहा है। प्रदेश भर में यह डाटा अपडेट नहीं हुआ है। एससी, बीसीए व बीपीएल छात्रों का डाटा स्कूल की तरफ से अपडेट किया जाना है, लेकिन अब तक केवल 57.13 प्रतिशत विद्यार्थियों का डाटा अपडेट हो सका है जबकि 42.87 प्रतिशत का बाकी है। अब विभाग ने 12 जनवरी तक डाटा अपडेट करने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन

पहली से पांचवीं तक एससी छात्रों का 55 प्रतिशत, बीसी-ए छात्रों का 45 प्रतिशत और बीपीएल छात्रों का 19 प्रतिशत डाटा ही आनलाइन हुआ है। इसी प्रकार से छठीं से आठवीं तक की कक्षाओं के एससी छात्रों का 70 प्रतिशत, बीसी-ए बीपीएल छात्रों का केवल 65 प्रतिशत डाटा पोर्टल पर आनलाइन हो सका है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों के बैंक खाता एवं परिवार पहचान पत्र आईडी को सत्यापित करने के बाद ही डाटा अपडेट किया जाए। इसके अलावा जिन दो-दो विद्यार्थियों के लिए एक ही बैंक खाता अंकित किया गया है, उसे भी पूरी तरह से चेक करके अलग-अलग बैंक खाता अंकित किया जाए। साथ ही डाटा अपलोड करते समय ध्यान रखा जाएगा कि विद्यार्थियों को दी जाने वाली छात्रवृत्ति राशि किसी भी प्रकार की डुप्लीकेसी या वित्तीय अनियमितता होती है तो उसके लिए भी स्कूल मुखिया, बीईओ कार्यालय या डीईईओ कार्यालय जिम्मेदार होगा।

9 लाख 97 हजार 915 विद्यार्थियों का डाटा होना है आनलाइन
प्रदेश के एससी, बीसी-ए और बीपीएल वर्ग के 9 लाख 97 हजार 915 विद्यार्थियों का डाटा पोर्टल पर आनलाइन किया जाना है। इसमें से अब तक 5 लाख 47 हजार 998 विद्यार्थियों का डाटा ही आनलाइन हो सका है।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह मिलती है राशि

स्कीम लड़के लड़कियां (पहली से पांचवीं) लड़के लड़कियां (छठीं से आठवीं)

एससी 150 225 200 300
बीपीएल 75 150 100 200
बीसीए 75 150 100 200


वर्जन छात्रवृत्ति का डाटा आनलाइन कराया जा रहा है। कुछ डाटा में दिक्कत है, उसका सुधार कराया जा रहा है ताकि बच्चों को छात्रवृत्ति राशि मिल सके।
सुभाष भारद्वाज, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, झज्जर
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें