झज्जर। सरसों की फसलों की बुआई का समय करीब है, लेकिन सरसों की बुआई के लिए अभी से ही डीएपी की मांग होने लगी है। किसानों को अभी से डीएपी नहीं मिल रहा है। डीएपी लेने आने वाले किसानों को खाली हाथ वापस लौटना पड़ रहा है।
प्रदेश में सरसों की बुआई का समय है, लेकिन हर बार की तरह इस बार भी फसल बुआई के लिए डीएपी की किल्लत सामने आ रही है। लोगोंं को डीएपी खाद नहीं मिल रही, जिससे किसानाें में खाद को लेकर मारामारी हो रहीं है। सरकारी खाद बीज की दुकानों पर भी खाद नहीं मिल पा रहा है। खाद के लिए आने वाले लोगों को खाली हाथ ही वापिस लौटना पड़ रहा है। यह हाल तब है, जब अभी सरसों की बिजाई का समय शुरू होने वाला है। किसानाें को हर बार डीएपी खाद के लिए भटकना पड़ता है। इसको देखते हुए सरकार ने सोसाइटियों को आदेश जारी किए हैं, जिसमें कहा गया है कि एक किसान को पांच कट्टे डीएपी ही मिलेगा। इससे अधिक नहीं दिए जाएंगे, ताकि सभी किसानों को खाद मिल सकें।
डीएपी की जगह एनपीके 123216 का प्रयोग कर सकते किसान
डीएपी में नाइट्रोजन फास्फोरस होता है, जबकि एनपीके में नाइट्रोजन फास्फोरस के साथ-साथ पोटाश भी होता है। अगर किसानों को बुआई के लिए डीएपी नहीं मिल पा रहा तो एनपीके का प्रयोग कर सकते हैं। दोनों की कीमतों में केवल 120 रुपये का फर्क है। डीएपी की कीमत 1350 रुपये प्रति 50 किलोग्राम कट्टा है, जबकि एनपीके 123216 की कीमत 1470 रुपये प्रति कट्टा है। यह फसलों के लिए डीएपी से भी अच्छे परिणाम देता है।
सरसों की फसल बुआई का समय करीब आ रहा है। बुआई के समय पर प्रयोग होने वाली डीएपी खाद नहीं मिल रही। दो दिनों से चक्कर लगा रहा हूं। फसलों की बुआई में लेट न हो, इसके लिए प्रशासन को कदम उठाने चाहिए।
-जयबीर, गांव कुलताना कोट
सरसों की बुआई करनी है, लेकिन डीएपी खाद नहीं मिल रही है। शहर में दो-तीन दुकानों पर चक्कर लगा चुका हूुं। अभी 15 दिनों के बाद खाद आने की बोल रहे हैं। अगर समय पर खाद नहीं मिली तो सरसों की बुआई में देरी हो सकती है। प्रशासन को इसकी तरफ देखना चाहिए, ताकि किसानों काे परेशानी न हो।
-सतबीर, किसान गोधड़ी
वर्जन
डीएपी की कमी नहीं है। लोग सरसों की फसलों की बुआई के साथ अभी से गेहूं की बुआई के लिए भी डीएपी खाद खरीदकर घरों में भंडार कर रहे हैं। इस कारण किसानों को खाद मिलने में परेशानी हो रही है। लोगों को अभी केवल सरसों की बुआई के लिए खाद ही खरीदनी चाहिए, ताकि अन्य लोगों को भी खाद मिल सके और समय रहते बुआई कर सके।
-डॉ. भूपेश शर्मा, सेल्स मार्केटिंग अधिकारी, इफको
20jjrp10- किसान सतबीर