गांव जौँधी से करीब चार महीने से लापता ट्रक ड्राइवर तेजबीर के मामले में मंगलवार को खुलासा हुआ तो परिजन एसपी कार्यालय में ही रूआंसे हो गए।
दरअसल परिजन चार महीने से जिसे लापता मानकर उसकी तलाश की गुहार लगाने एसपी के पास आए थे, यहां पुलिस ने उसके खून से लथपथ कपड़े व फोटो परिजनों को दिखा बताया कि ये तो लापता होने के अगले ही दिन गांव के पास हादसे में मर चुका है।
शव को लावारिश मान कर उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया गया। इस खुलासे के बाद एसपी कार्यालय के बाहर ही पीड़ित व आरोपी पक्ष के लोगों में तनातनी हो गई। फिलहाल एसपी ने मामले की जांच सीआइए पुलिस को सौंप दी है।
दुजाना पुलिस चौकी के अंतर्गत गांव जौंधी निवासी तेजबीर सिंह 17 जुलाई को संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था। चार माह बाद भी उसका कोई सुराग नहीं लगा। उसकी पत्नी सुशीला ने एसपी को दी शिकायत में कहा कि तेजबीर ट्रक चालक था और उसे 17 जुलाई को गुड्डी उर्फ धर्मबीर और बेदल उर्फ वेदप्रकाश घर से बुला कर ले गए थे। इसके बाद से उसका कोई पता नहीं चला।
उसने दोनों के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज किए जाने की गुहार एसपी से लगाई। वेदप्रकाश पुलिस में है, जो कि अब निलंबित है। परिजनों ने आरोप लगाया कि उसी दिन से पुलिस चौकी के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी सुमित कुमार ने दुजाना चौकी पुलिस से ब्यौरा मांगा तो मामले में नया मोड़ आ गया।
पुलिस ने पीड़ितों को थाना में बुलाया। वहां पर उनको कुछ खून से लथपथ कपड़े, जो कि फटे थे और एक फोटो पहचान के लिए दिखाई गई। परिजनों ने पहचान तेजबीर के तौर पर कर दी। परिजन इसके बाद कपड़े लेकर फिर से एसपी कार्यालय पहुंच गए। कपड़े एसपी को दिखाए और कई सवाल उठाते हुए दावा किया कि तेजबीर की हत्या की गई है। फिलहाल एसपी ने इस मामले की जांच सीआईए के हवाले कर दी है।
गांव के बाहर मौत, परिजनों को नहीं लगी भनक
गायब तेजबीर के मामले में एसपी के हस्तक्षेप के बाद हरकत में आयी पुलिस ने जानकारी दी कि तेजबीर की तो 17 जुलाई की रात को ही गांव के बाहर से गुजरने वाले बाइपास पर किसी वाहन की चपेट में आने से मौत हो चुकी है। उसकी पहचान नहीं होने पर शव को लावारिश मान कर अंतिम संस्कार भी किया जा चुका है। इस खुलासे से पूरा परिवार सदमे में आ गया।
जहां तेजबीर की मां दयाकौर की हालत खराब हो गई तो मृतक की बेटी भी फूट फूट कर रो पड़ी। पत्नी सुशीला ने एसपी को बताया कि वे तीसरे दिन ही तेजबीर की गुमशुदी की रिपोर्ट दर्ज कराने पुलिस चौकी गए थे, लेकिन आज चार महीने बाद भी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। अब उसे मृत बताया जा रहा है। तेजबीर आरोपियों की साजिश का शिकार हुआ है। परिजनों ने मृतक के कपड़े एसपी को दिखाते हुए कहा कि हादसे में कपड़े इस प्रकार नहीं फटते, इनको तो हाथ से फाड़ा गया है।
एसपी कार्यालय के बाहर ही दोनों पक्षों में तनातनी
तेजबीर के मामले में परिजन एसपी से मिल रहे थे तो उसी दौरान आरोपी पक्ष के भी कुछ लोग वहां पहुंच गए। इनमें दोनों आरोपी गुड्डी व बेदल भी थे। एसपी कार्यालय के बाहर निकलते ही दोनों पक्षों में आरोप प्रत्यारोप शुरू हो गए। माहौल तनातनी व धमकाने में बदल गया।
सीआईए ने दर्ज किए बयान
मामले की जांच सीआईए को सौंपे जाने पर पुलिस ने सायं को पीड़ित पक्ष को थाने में बुलाया। वहां पर पीड़ित पक्ष के बयान दर्ज किए गए। इसके साथ ही पुलिस ने तेजबीर की संदिग्ध हालत में हुई मौत के मामले की जांच शुरू कर दी है। इंस्पेक्टर ललित कुमार ने बताया कि छानबीन के बाद ही पूरी वारदात से पर्दा उठ पाएगा। पीड़ितों से अन्याय हुआ है तो न्याय जरूर मिलेगा।