फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

साथी की हत्या पर भड़के शिक्षक, दिल्ली में उतरे सड़कों पर

Wed, 28 Sep 2016 12:43 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बहादुरगढ़
विज्ञापन
शिक्षक मुकेश की मौत पर दिल्ली में जाम लगाए बैठे शिक्षक। - फोटो : bureau
विज्ञापन
दिल्ली के नांगलोई क्षेत्र हुई घटना से शिक्षक जगत आहत है। अध्यापक मुकेश की मौत पर गुस्साए शिक्षकों ने दिल्ली में जाम लगा दिया और जमकर रोष जताया। शिक्षकों ने मृतक अध्यापक मुकेश के परिवार को पांच करोड़ रुपये सहायता राशि देने, अध्यापकों की सुरक्षा के बंदोबस्त करने की मांग उठाई। जाम के कारण शाम तक राजधानी दिल्ली की रफ्तार थमी रही। 
विज्ञापन


सोमवार शाम बहादुरगढ़ निवासी अध्यापक मुकेश कुमार के साथ जैसे ही वारदात हुई, तभी से ही शिक्षकों में रोष पनपा शुरू हो गया था। अध्यापक मुकेश की मौत होने पर तो शिक्षकों का गुस्सा फूट पड़ा। बताते हैं कि जब शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया हॉस्पिटल पहुंचे तो उनके साथ भी शिक्षकों की बहस हो गई थी। मंगलवार सुबह अध्यापक एसपी रोड स्थित उक्त स्कूल में एकत्रित हुए। यहां शिक्षकों ने एसए वन परीक्षा का बहिष्कार का निर्णय लिया और बाद में सड़कों पर आ गए। राजकीय विद्यालय शिक्षक संघ के बैनर तले करीब चार हजार अध्यापकों ने सूरजमल मेट्रो स्टेशन (दिल्ली) के पास सड़क पर जाम लगा दिया और इस घटना पर गहरा रोष जताया।

इसके अलावा भी शिक्षकों ने कई जगह प्रदर्शन किया। शिक्षक मुख्यमंत्री केजरीवाल और शिक्षा मंत्री मनीष सिसौदिया को मौके पर बुलाने पर अड़े रहे। बहादुरगढ़ से दिल्ली जाने वाले वाहनों को घेवरा से डायवर्ट कर दिया गया। पुलिस अधिकारियों के आश्वासन पर शाम चार बजे शिक्षकों ने जाम खोल दिया। तब जाकर यातायात सामान्य हो सका। अध्यापक रमेश सैनी ने कहा कि शिक्षक समाज का आइना होता है। ऐसी घटना केवल एक शिक्षक पर नहीं पूरे समाज के आधार पर वार है। स्व. मुकेश को शहीद का दर्जा देकर एसपी रोड का नामकरण उनके नाम पर किया जाए।
विज्ञापन


यह है मामला
बताया जा रहा है कि दोनों आरोपी 12वीं कक्षा के छात्र हैं। वे लंबे समय से स्कूल में नहीं आ रहे थे। सोमवार को वे परीक्षा देने स्कूल पहुंचे, लेकिन शिक्षक मुकेश ने दोनों को परीक्षा में नहीं बैठने दिया। उस समय दोनों छात्र शिक्षक मुकेश को धमकी देकर चले गए। शाम पांच बजे परीक्षा खत्म होने के बाद जब स्कूल के कमरा नंबर 108 में शिक्षक मुकेश पेपरों की गिनती कर रहे थे, तब दोनों आरोपी छात्र स्कूल पहुंचे और मुकेश के पेट में चाकू घोंप दिया। इसके बाद पीठ और टांगों पर ताबड़-तोड़ वार किए। 

गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार
छात्रों द्वारा चाकुओं से गोदकर की गई अध्यापक मुकेश की हत्या पर हर कोई दुखी है। मंगलवार दोपहर गमगीन माहौल में मुकेश के शव का दाह संस्कार किया गया। उनकी अंतिम यात्रा में धार्मिक, राजनीतिक और सामाजिक संगठनों सहित बड़ी संख्या में शहरवासी शामिल हुए। मूल रूप से गांव कसार के मुकेश कुमार (47) पिछले कुछ समय से किला मोहल्ला की पालिका कॉलोनी में रह रहे थे। बाजार में अधिकांश दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद रखीं तो दोनों ही कॉलोनियों के लोग अपना काम छोड़कर उनके घर के आसपास मौजूद रहे। मंगलवार दोपहर को उनका पार्थिव शरीर दिल्ली से बहादुरगढ़ उनके निवास पर आया तो लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा।

उनकी अंतिम यात्रा में राजनीतिक, सामाजिक, धार्मिक, शिक्षक, डाक्टर सहित बड़ी संख्या में शहरवासी शामिल हुए। रोहतक रोड स्थित स्थानीय रामबाग में उनका दाह संस्कार किया गया। सांसद दीपेंद्र हुड्डा, ‘आप’ नेता नवीन जयहिंद, पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह जून, विधायक नरेश कौशिक के भाई दिनेश कौशिक, पूर्व चेयरमैन कर्मबीर राठी, पूर्व चेयरमैन रवि खत्री, पूर्व जिप चेयरमैन सतीश छिकारा, नवनिर्वाचित नप चेयरमैन के पुत्र संदीप, पार्षद विनोद, धर्मेंद्र, वजीर राठी, कपूर राठी, पार्षद युवराज सहित कई लोगों ने अंत्येष्टि के मौके पर श्रद्धांजलि दी।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें