सातवीं कक्षा के छात्र व अपने ही चचेरे भाई की नहर में डूबो कर हत्या करने वाले आरोपी मन्नूदेव को थाना सदर पुलिस ने गिरफ्तार करते हुए न्यायालय में पेश किया। यहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिए गए। ताऊ के ही लड़के द्वारा अपने छोटे भाई की निर्दयता से इस तरह हत्या किए जाने को लेकर लोग दिन-भर चर्चा करते हुए उसे कोसते भी दिखे।
थाना सदर एसएचओ रणधीर सिंह ने बताया कि आरोपी मन्नूदेव से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि 13 वर्षीय सुधांशु को उसने ट्यूशन से घर लौटते समय बीच रास्ते से ही अपने साथ बाइक पर बैठा लिया था। वह उसे बाइक सिखाने के बहाने से लेकर गांव से बाहर निकला और अपने मनसूबों को अंजाम देने के लिए निकल पड़ा। पहले वह उसे लेकर बहादुरगढ़ आया और उसके बाद नूना माजरा के रास्ते होते हुए झज्जर पहुंचा। फिर झज्जर से बादली होकर गांव गुभाना के नजदीक नहर पर उसे लेकर गया। बताया गया है कि जैसे ही दिन ढला और कुछ अंधेरा हुआ तो उसने सुधांशु को साथ लेकर नहर में छलांग मार दी। किसी तरह से एक बार बाहर भी आया लेकिन आरोपी फिर से उसे साथ लेकर कूद गया और उसकी मौत होने के बाद वहां से फरार हो गया। बच्चे की मौत के बाद उसका शव घटनास्थल से लगभग चार से पांच किलोमीटर दूर एक हैड के पास अटका मिला।
बता दें कि मंगलवार को सुधांशु स्कूल से आने के बाद अपने गांव में ही ट्यूशन सेंटर पर गया हुआ था। जब वह वापस घर की ओर लौट रहा था तो करीब छह बजे उसे उसके ताऊ के लड़के मन्नूदेव ने बीच रास्ते से अपनी बाइक पर बैठा लिया और किसी को बिना बताए गांव से बाहर की ओर चला गया। बच्चा जब देर शाम तक घर नहीं पहुंचा तो परिजनों को उसकी चिंता सताई। सेंटर पर जाकर पूछताछ की तो पता चला कि यहां से बच्चा पढ़ाई करके घर की ओर चला गया था। लेकिन बीच रास्ते से उसके संदिग्ध परिस्थितियों में गायब होने को लेकर उसके पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। लेकिन अगले 12 घंटे बाद उसका शव गांव से कई किलोमीटर दूर मुंडाखेड़ा हेड के नजदीक एनसीआर नहर में मिला था।