टीकरी बॉर्डर पर कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे आंदोलन के दौरान अलग-अलग स्थानों पर दो किसानों की मौत हो गई। पंजाब के रहने वाले एक किसान की मौत नया गांव चौक के नजदीक बस की चपेट में आने से हुई तो वहीं जींद जिले के रहने वाले एक किसान के हृदयाघात से मौत होने की आशंका जताई गई है। पुलिस ने दोनों के शव परिजनों को सौंप दिए हैं।
पंजाब के मानसा जिले के गांव बाघड़ा के रहने वाले किसान बबली सिंह टीकरी बार्डर पर चल रहे आंदोलन में शामिल थे। वह बहादुरगढ़ बाईपास पर नयागांव चौक के नजदीक किसानों के जत्थे में ठहरे थे। दो फरवरी को आंदोलन में हिस्सा लेने बहादुरगढ़ आए थे। शुक्रवार की दोपहर बाद बबली अपने साथी किसान मेजर सिंह के साथ लंगर का सामान लेने जा रहे थे। जब वे नयागांव चौक के पास सड़क पार कर रहे थे तो इसी दौरान बादली की तरफ से आ रही बस की चपेट में आ गए।
घटना में वह गंभीर रूप से घायल हुए। उन्हें इलाज के लिए बहादुरगढ़ के नागरिक अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। जींद के गांव मोहनगढ़ के किसान रणधीर सिंह की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। बताया गया है कि रणधीर सिंह तीन सप्ताह से टीकरी बार्डर पर लगभग हर रोज किसानों की सभा में भाग लेते थे। रणधीर सिंह की मौत की असल वजह का अभी पता नहीं लग पाया है। हृदयाघात होने का अनुमान लगाया है।