खेतों में रास्ते के लिए चल रहे विवाद में रविवार को दिनदहाड़े नकाबपोश बाइक सवारों ने अतिथि अध्यापक की आठ गोली मारकर हत्या कर दी। मौके पर मौजूद मृतक के दोस्त ने भाग कर जान बचाई। पुलिस ने मृतक के पिता के बयान पर सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस को दी शिकायत में दुजाना निवासी विजय सिंह ने बताया कि उसका बेटा अनिल दिल्ली के नजफगढ़ में रहता था और वहीं सरकारी स्कूल में अतिथि अध्यापक था।
रविवार को वह होली के अवसर पर परिजनों से मिलने गांव आया था। दोपहर को वह अपने दोस्त मंदीप के साथ दुजाना चौक स्थित एक दुकान पर बैठा था। उसी दौरान बाइक पर तीन नकाबपोश आए और उन्होंने अनिल पर फायर कर दिया। हाथ में गोली लगने के बाद अनिल दुकान से निकलकर भागने लगा तो तीनों आरोपियों ने उसे आठ गोलियां मारीं। उसके दोस्त मंदीप ने फायरिंग के बाद मौके से भागकर अपनी जान बचाई। गोलियां लगने से अनिल की मौके पर ही मौत हो गई।
पिता जा रहा था दवा लेने
मृतक के पिता विजय सिंह ने बताया कि कुछ समय पहले बिरधाना के संजय ने परिजनों के साथ उनके परिवार पर हमला किया था। इस मामले में संजय की गिरफ्तारी अभी होनी थी। संजय और उसका परिवार रास्ते के विवाद के कारण उनके परिवार से रंजिश रखे हुए था। इसी रंजिश में उसके बेटे अनिल की हत्या की गई है। जब गोलियां चलीं तो वह दवा लेने जा रहा था और उसने मौके पर संजय को पहचान लिया।
पुलिस ने मृतक के पिता के बयान पर बिरधाना के संजय, दुजाना के महाबीर समेत सात लोगों के खिलाफ केस दर्जकर जांच शुरू कर दी है। मौके से तीन गोलियां और चार खोल बरामद किए हैं। युवक के शरीर पर आठ गोलियों के निशान हैं। जमीन के विवाद में मृतक की आरोपियों के साथ रंजिश थी, पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। - मनोज कुमार, थाना प्रभारी, झज्जर।