अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
तीन दिन पहले सांडों की चपेट में आकर घायल हुए लाइनपार निवासी एक व्यक्ति की उपचार के दौरान मौत हो गई है। इस हादसे ने प्रशासन के स्ट्रे कैटल फ्री मुहिम की भी हवा निकाल दी है। व्यक्ति की मौत से लोगों में रोष है। लोगों का कहना है कि स्ट्रे कैटल मुहिम केवल कागजों में सफल हुई है, जमीनी स्तर पर इस दिशा में कोई काम नहीं हुआ। यदि प्रशासन से इस दिशा में सही ढंग से काम किया होता तो किसी की जान नहीं जाती।
दरअसल, लाइनपार के निवासी शेर सिंह व ज्ञानदत्त वीरवार की सुबह गली में टहल रहे थे। टहलते-टहलते दोनों सांडों की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए। इस हादसे में शेर सिंह को काफी चोट आई थी। तीन दिन तक जूझने के बाद उनकी मृत्यु हो गई। स्व. शेर सिंह तथागत वेलफेयर एसोसिएशन एवं डा. भीम राव अंबेडकर सभा के पदाधिकारी थे। इनकी मृत्यु पर विभिन्न सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों के लोगों ने दु:ख प्रकट किया। साथ ही लोगों में प्रशासन के प्रति रोष भी दिखाई दिया। बता दें कि करीब तीन महीने पहले रोहतक-दिल्ली रोड पर भी एक सांड की चपेट में आने से बाइक सवार युवक की मौत हो गई थी। जबकि बादली रोड पर भी इसी तरह के हादसे में बांबे वाली गली के निवासी एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई थी।
कागजों में सफल हुई मुहिम
गौरतलब है कि प्रशासन द्वारा कुछ समय पहले शहर में स्ट्रे कैटल मुहिम शुरू की गई थी। इस मुहिम के तहत लावारिस गोवंश को शहर से बाहर गोशालाओं में शिफ्ट करना था। शहरी क्षेत्र में छुट्टे गोवंश को उठाकर खेड़का गुर्जर व अन्य गोशालाओं में छोड़ दिया गया। प्रशासनिक अधिकारी इस मुहिम को सफल होने का दावा करते हैं। जबकि शहरी क्षेत्र में अब भी छुट्टे गोवंश दिखाई पड़ते हैं। लाइनपार क्षेत्र में तो छुट्टे गोवंश की तादाद ज्यादा है।
लाइनपार निवासी सुभाष, राकेश, अशोक, बलराज नरेंद्र आदि ने कहा कि प्रशासन शहर को छुट्टे पशुओं से मुक्त करने का दावा करता है, मगर लाइनपार में ऐसा कुछ नहीं है। यह मुहिम केवल कागजों में ही सफल है। यहां जौहरी नगर, फ्रैंड्स कालोनी, शंकर गार्डन, हरी गार्डन, देव नगर, वत्स कॉलोनी, सुभाष नगर, 22 फुटा रोड, अशोका कॉलोनी, नेता जी नगर समेत कई अन्य कॉलोनियों की स्थिति यह है कि यहां पर छुट्टे पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है।
अधिकारी बोले
स्ट्रे कैटल मुहिम के नोडल आफिसर एमई ओमदत्त ने बताया कि फिलहाल वह मुख्यमंत्री कार्यक्रम में हैं। जबकि नगर परिषद की चेयरपर्सन शीला राठी ने कहा कि शहर से करीब 700 लावारिस गोवंश को गोशालाओं में छुड़वाया गया है। जो लावारिस गोवंश रह गए हैं, उन्हें भी शीघ्र छुड़वा दिया जाएगा। आम जनता भी अपने पशुओं को खुले में न छोड़ें।