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कार लूटने के बाद इलेक्ट्रिशियन की हत्या कर शव माइनर में फेंका

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बहादुरगढ़। संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हुए लाइनपार निवासी एक युवक का शव तीन दिन बाद चरखी दादरी जिले में एक माइनर में मिला। गाड़ी लूट व हत्या करने के बाद शव को खुर्द-बुर्द करने के मकसद से माइनर में डाला गया। परिजनों द्वारा दो जिलों के थानों में बार-बार चक्कर लगाने के बाद अब बहादुरगढ़ के लाइनपार थाने में हत्या व लूट का केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इससे पहले चरखी दादरी पुलिस ने इस संबंध में जीरो एफआईआर दर्ज की थी।
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मृतक की पहचान धीरेंद्र (39) निवासी विनय गोमती नगर लखनऊ के तौर पर हुई है। दरअसल, धीरेंद्र पिछले करीब एक साल से बहादुरगढ़ के लाइनपार क्षेत्र में किराये पर रहता था। पेशे से इलेक्ट्रिशियन धीरेंद्र कभी-कभी गुजारे के लिए ई-रिक्शा भी चला लेता था। गत आठ अप्रैल को धीरेंद्र युवकों के साथ अपनी बलेनो कार में सवार होकर झज्जर के लिए रवाना हुआ था उसके बाद लापता हो गया। 11 अप्रैल को धीरेंद्र की लाश चरखी दादरी जिले के बौंदकला थाने के अधीन आने वाली अचीना ताल चौकी के क्षेत्र में एक माइनर में मिला। वहां की पुलिस ने शव को शनाख्त के लिए सरकारी अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया था।

ऐसे हुई पहचान
दरअसल, आठ अप्रैल की शाम को जब धीरेंद्र की पत्नी नैना देवी ने उसके पास फोन किया तो उसने कहा था कि गाड़ी में हूं, बाद में बात करता हूं। इसके बाद रात करीब 12 बजे जब नैना ने कॉल की तो धीरेंद्र का नंबर बंद आया। 12 अप्रैल की सुबह नैना ने धीरेंद्र के साथ रहने वाले धर्मेेंद्र तिवारी के पास कॉल की तो धर्मेंद्र ने उसे बताया कि धीरेंद्र तो आया ही नहीं। फिर नैना देवी बहादुरगढ़ पहुंची। धर्मेंद्र ने नैना देवी को बताया कि आठ अप्रैल की शाम को धीरेंद्र ई-रिक्शा में आया तो दो युवक उसके साथ थे। उक्त दोनों युवकों के साथ ही वह झज्जर चला गया था। फिर से धीरेंद्र के पास कॉल की लेकिन मोबाइल स्विच ऑफ था। इसके बाद दोनों लाइनपार थाने गए तो वहां पुलिस ने कहा कि दादरी जिले में एक बॉडी मिली है, शनाख्त कर लो। 12 अप्रैल को दादरी जिले के अचीना ताल चौकी गए। वहां पुलिस ने बॉडी दिखाई तो शनाख्त धीरेंद्र के रूप में हो गई। चूंकि बॉडी फूली हुई थी तो पुलिस ने कहा कि पोस्टमार्टम स्पेशल पैनल से पीजीआई रोहतक में होगा। 13 अप्रैल की शाम रोहतक में शव का पोस्टमार्टम करवाकर अंतिम संस्कार करवा दिया गया।
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परिजनों ने पुलिस पर लगाया लापरवाही का आरोप
धीरेंद्र के बड़े भाई अमरेंद्र बिहार के छपरा जिले में शिक्षा विभाग में जिला कार्यक्रम अधिकारी हैं। उन्होंने बताया कि उसके भाई की हत्या करने के बाद शव को नहर में डाला गया है। एक तो उनका भाई चला गया, ऊपर से पुलिस ने भी उन्हें परेशान किया। पुलिस इस मामले में पहले 174 की कार्रवाई कर रही थी। पुलिस नेचुरल डेथ दिखाकर मामले को दबाने के चक्कर में थी। इसके बाद वे लाइनपार थाने आए तो पुलिस बोली की लाश वहां मिली तो वहीं की पुलिस कार्रवाई करेगी। फिर वे अचीना ताल चौकी गए तो पुलिस बोली की हम केस नहीं लेंगे। चौकी में बात नहीं बनी तो वे बौंदकलां थाना गए। वहां काफी मिन्नते करने के बाद भी जीरो एफआईआर दर्ज की गई। बकौल अमरेंद्र, जिस वक्त उसके भाई के शव का अंतिम संस्कार रोहतक में हो रहा था, उस वक्त एफआईआर कराने के लिए वह थाने में गिड़गिड़ा रहे थे।

काम जमाने के लिए बहादुरगढ़ आया था धीरेंद्र
अमरेंद्र ने बताया कि धीरेंद्र की इंटीरियर कंपनी थी। 2013 में उसका एक्सीडेंट हुआ तो करीब पांच साल तक वह बेड रेस्ट पर रहा। इस दौरान उसकी कंपनी डूब गई। हमने उससे कहा भी कि घर पर रहो, काम हम कर लेंगे। लेकिन वह अपने दम पर कुछ करना चाहता था। वह फिर से काम जमाने के लिए बहादुरगढ़ चला गया। चूंकि बहादुरगढ़ उद्योग नगरी है तो उसे उम्मीद थी कि वह जल्द ही अपना काम जमा लेगा। इसके साथ-साथ वह गुजारे के लिए ई-रिक्शा भी चलाता था। अमरेंद्र ने कहा कि पुलिस मामले की गंभीरता से जांच करे। जल्द से जल्द हत्यारों को गिरफ्तार करे और गाड़ी बरामद करे। यदि जल्द ही उपयुक्त कार्रवाई नहीं होती है तो वह एनएचआरसी और एसटी कमीशन में भी जाएंगे। जब तक पुलिस हत्यारों को गिरफ्तार नहीं करती, संघर्ष करते रहेंगे।

ये बने हैं सवाल
धीरेंद्र की हत्या किन कारणों के से किन लोगों ने की, उसके साथ गाड़ी में गए दो युवक कौन थे, हत्या बहादुरगढ़ में की गई या फिर कहीं चरखी दादरी जिले में ये सभी सवाल पुलिस के लिए चुनौती बने हुए हैं। हालांकि चरखी दादरी पुलिस ने तो जीरो एफआईआर दर्ज कर अपना पल्ला झाड़ लिया था, लेकिन रविवार को बहादुरगढ़ पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। जहां धीरेंद्र रहता था, उसके आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज चेक की जाएगी। लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। जल्द ही इस मामले को सुलझाया जाएगा।
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दिनकर यादव, एसएचओ, लाइनपार थाना बहादुरगढ़।
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