अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश कमलकांत की अदालत ने मंगलवार को हत्या के एक मामले में एक आरोपी को मामले का दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।
पुलिस के अनुसार नवंबर वर्ष 2013 में रोहतक पीजीआई में उपचाराधीन गांव बरहाना निवासी ओमप्रकाश पुत्र रिसाल सिंह ने पुलिस को दिए बयान में कहा था कि जब वह गांव के ही शमशेर के घर के बाहर बैठकर अखबार पढ़ रहा था तो उसी दौरान गांव का रहने वाला नरेश पुत्र चंद्र सिंह आया और उसने उसे उसकी तरफ बुरी नजरों से देखने का आरोप लगाकर उस पर प्लास्टिक की कुर्सी दे मारी। आरोपी द्वारा किए गए दो वार की वजह से उसकी गर्दन की हड्डी व बाएं हाथ की उंगली टूट गई। कई दिनों तक रोहतक पीजीआई में उपचार कराए जाने के बाद पीड़ित ओमप्रकाश पुत्र रिसाल सिंह ने दम तोड़ दिया था।
पुलिस ने ओमप्रकाश की मौत के बाद मामले को हत्या के अभियोग में अंकित किया था। कई सालों तक चले इस मुकद्दमे में पैरवी के दौरान आरोपी पक्ष ऐसा कोई भी प्रमाण अदालत के सामने पेश नहीं कर पाया कि उस पर लगा आरोप झूठा साबित होता हो। मंगलवार को इसी मामले में अपना फैसला सुनाते हुए जिला सत्र न्यायाधीश कमलकांत ने आरोपी को पहले तो हत्या के इस मामले में दोषी करार दिया और बाद में अपना फैसला सुनाते हुए आरोपी नरेश को उम्रकैद की सजा सुना दी।