अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
गांव मांडोठी में झगड़े में गंभीर रूप से घायल हुए युवक ने दो दिन बाद दम तोड़ दिया। गुस्साए परिजनों ने रविवार को शव लेने से इंकार कर दिया। परिजनों ने कहा कि आरोपियों ने उनके बेटे को मार दिया, अब उन्हें भी धमकी दे रहे हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी न होने और उन्हें पुलिस सुरक्षा न देने तक वे शव नहीं लेंगे। उधर, परिजनों के शव न लेने से पुलिस की परेशानी बढ़ गई। काफी समझाने व सुरक्षा के बंदोबस्त किए जाने के बाद परिजनों ने शव लिया तो पुलिस ने राहत की सांस ली।
यह है मामला
वीरवार की शाम गांव मांडोठी में दो पक्षों के बीच झगड़ा हो गया था। एक पक्ष ने दूसरे पक्ष पर ईंट, लाठी और लोहे की रॉड से हमला कर दिया। झगड़े में नसीब, निकेश और पवन बुरी तरह से जख्मी हो गए। घायलों को बहादुरगढ़ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। इनमें निकेश की हालत बेहद खराब थी। दो दिन के संघर्ष के बाद शनिवार की शाम निकेश ने दम तोड़ दिया। अन्य दो घायलों में से एक को छुट्टी मिल गई है, दूसरा अभी अस्पताल में भर्ती है।
निकेश की मौत से परिजनों में रोष पनप गया। रविवार की सुबह पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम तो करा दिया। मगर परिजनों ने शव लेने से इंकार कर दिया। नागरिक अस्पताल में मौजूद परिजनों व ग्रामीण आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़ गए। परिजनों ने कहा कि पहले तो आरोपियों ने उनके बेटे को मार दिया। इसके बावजूद अब भी उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। तीन दिन में महज पुलिस अभी तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर पाई है। छह अभी फरार चल रहे हैं। उनके परिवार को आरोपियों से जान का खतरा है, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। लगभग एक घंटे तक परिजन अपनी मांग पर अड़े रहे। इसके बाद पुलिस द्वारा आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी करने के आश्वासन व सुरक्षा के बंदोबस्त करने पर परिजन पीछे हटे। करीब एक बजे परिजन शव ले गए।
तीन आरोपी गिरफ्तार, छह फरार
पीड़ित पक्ष की शिकायत पर पुलिस ने इस मामले में अमित, सुनील, अनिल, पवन, अंकित, कृष्ण, कृष्णा, कमलेश व वीरपाल आदि पर मारपीट करने व जान से मारने की धमकी का केस दर्ज किया है। कृष्णा, कमलेश व वीरपाल को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि छह अन्य फरार हैं।
घायलों की सुरक्षा के लिए पुलिस तैनात
मांडोठी चौकी प्रभारी राजेश कुमार ने कहा कि गांव में परिजन व अस्पताल में घायल की सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी गई है। फरार चल रहे आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
----फोटो 2 : शव लेने से इंकार करने के बाद नागरिक अस्पताल परिसर में बैठे मृतक के परिजन व ग्रामीण।