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डेढ़ माह बाद भी सीआईए नहीं कर सकी पांच मजदूरों के ब्लाइंड मर्डर का खुलासा

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मध्यप्रदेश से आए पांच मजदूरों की हत्या का डेढ़ माह बाद भी कोई सुराग पुलिस नहीं जुटा सकी है। सीआईए को इसकी जांच का जिम्मा सौंपा गया है। घटना के समय दो डीएसपी के नेतृत्व में पांच टीमें गठित की गई थी। लेकिन धीरे-धीरे समय बीतता गया और पुलिस का ध्यान इस केस से हटता गया। अब केवल सीआईए झज्जर इसकी जांच कर रही है, जिसके हाथ अभी तक खाली हैं। वहीं अपराध की बढ़ती वारदातों के चलते शहर में हर कोई खौफ में जी रहे है। एक के बाद एक रंगदारी मांगने की वारदात और हत्याओं के कारण अब लोग भय के साए में जी रहे हैं।
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मौके से मिले थे बसौली व कुल्हाड़ी
पुलिस को निर्माणाधीन मकान से बसौली व कुल्हाड़ी बरामद हुए थे। पीएमआर में भी खुलासा हुआ था कि सभी की हत्या तेजधार हथियार व लाठी-डंडों से हुई है। पुलिस ने इस केस की तहकीकात करने के लिए मध्यप्रदेश भी अपनी एक टीम को भेजा था। जो वहां से कोई इनपुट नहीं जुटा सकी।
डॉग स्क्वॉयड नहीं आया था काम
सेक्टर-6 में हुए हत्याकांड में 18 सितंबर को पुलिस ने रोहतक से डॉग स्क्वॉयड बुलाकर सुराग जुटाने का प्रयास किया था लेकिन पुलिस को ये प्रयास भी फेल रहा था। वहीं सीसीटीवी भी पुलिस ने मुख्य सड़क के साथ लगते मकानों से खंगाले थे, वहां भी पुलिस को कोई मदद नहीं मिल सकी।
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झज्जर में हैं मध्यप्रदेश के 80 परिवार
मजदूरी के लिए मध्यप्रदेश के करीब 80 परिवार झज्जर में आए हुए हैं। मकान निर्माण का कार्य करने वाले इन अधिकांश परिवार का बसेरा सेक्टर-6 ही है। जहां पर 17 सितंबर को पांच लोगों की हत्या होने की वारदात का पता लगा था। हत्या के बाद से ये सभी परिवार मजदूरी करने के लिए तो जाते हैं लेकिन सभी को अनहोनी का भय सताए रहता है।
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हत्याकांड की जांच का जिम्मा अब सीआईए के पास है। सीआईए टीम सुराग जुटाने का पूरा प्रयास कर रही है।
जितेंद्र कुमार, थाना प्रभारी, शहर झज्जर।
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