सौंपा ज्ञापन -फोटो 57 : नप अधिकारी को ज्ञापन सौंपते ठेकेदार। स्रोत स्वयं
बहादुरगढ़। टेंडर रद्द किए जाने के बाद ठेकेदारों ने अधिकारियों के प्रति नाराजगी जाहिर की है। मंगलवार को ठेकेदारों ने नगर परिषद कार्यालय में पहुंचकर विरोध जताया। उन्होंने नगर परिषद के वाइस चेयरमैन को ज्ञापन सौंपते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
ठेकेदारों का कहना है कि अधिकारियों ने करीब सवा दो करोड़ राशि के 51 टेंडर निकाले थे, जिन्हें अलग-अलग एजेंसियों को अलॉट किया गया। टेंडर अलॉट होने के बाद ठेकेदारों ने नियमानुसार एलओए फीस भी जमा कराई, इसके बावजूद उन्हें वर्क ऑर्डर जारी नहीं किए गए। ठेकेदारों के इंतजार के बीच सोमवार को बिना किसी सूचना के सभी टेंडर रद्द कर दिए गए।
राजू, कृष्ण व अन्य ठेकेदारों ने कहा कि इससे पहले भी डी-प्लान के टेंडर भी इसी तरह रद्द किए जा चुके हैं। आरोप है कि अधिकारी अपनी मनमर्जी से काम कराते हैं और अपने चहेते ठेकेदारों को ही ठेके दिलाते हैं, जबकि बहादुरगढ़ के स्थानीय ठेकेदार बेरोजगारी की मार झेल रहे हैं। सरकार तथा उच्चाधिकारियों से मांग है कि इसमें पारदर्शिता सुनिश्चित हो।