पावर हाउस के निर्माण को लेकर एक बार फिर गांव परनाला-हसनपुर के लोगों में रोष गहरा गया है। सोमवार को गांव में हुई पंचायत में लोगों में बिजली निगम के प्रति गुस्सा दिखाई दिया। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक उन्हें जमीन का मुआवजा नहीं मिलता, तब तक वो पावर हाउस का काम शुरू नहीं होने देंगे।
बिजली निगम ने वर्षों पहले लाइनपार क्षेत्र में बिजली 33केवी पावर हाउस की योजना बनाई थी। पावर हाउस के लिए निगम को जमीन की जरूरत महसूस हुई तो उस दौरान हसनपुर-परनाला की पंचायत ने रजुलेशन पास करके लगभग 2 एकड़ जमीन निगम को सौंप दी। मगर पंचायत को जमीन का मुआवजा नहीं मिला। करीब सात महीने पहले पावर हाउस का निर्माण कार्य शुरू हुआ, लेकिन मुआवजा न मिलने से आहत पंचायत ने करीब तीन महीने पहले निर्माण कार्य रुकवा दिया। अभी हाल ही में निगम की ओर से फिर से निर्माण कार्य शुरू किया गया तो ग्रामीणों में फिर से रोष पनप गया। गुस्साए ग्रामीणों ने रविवार को निगम का विरोध जताया और काम रुकवा दिया। आरोप है कि इस मामले में बिजली निगम के अधिकारियों की ओर से ग्रामीणों के खिलाफ लाइनपार पुलिस थाने में शिकायत दे दी गई।
पंचायत में लिया फैसला
पुलिस में शिकायत दिए जाने के बाद तो ग्रामीणों का गुस्सा और भड़क गया। इस संबंध में सोमवार को गांव की चौपाल में पंचायत हुई, जिसकी अध्यक्षता सत्ते प्रधान ने की। पंचायत में ग्रामीणों ने कहा कि किसी भी कर्मचारी के साथ मारपीट या बुरा बर्ताव नहीं किया, लेकिन दबाव बनाने के लिए ग्रामीणों की थाने में शिकायत दी गई। एक तो उनकी जमीन चली गई है, ऊपर से उन पर मुकदमे दर्ज कराए जा रहे हैं। लंबा अरसा बीत जाने के बाद भी उन्हें मुआवजा नहीं मिला है। जब तक मुआवजा नहीं मिलता वे काम शुरू नहीं होने देंगे। यदि निगम की यह कार्यवाही बंद नहीं होती है तो वे इस संबंध में सीएम, एमपी, मंत्री और एमएलए आदि से मिलकर शिकायत देंगे। जरूरत पड़ी तो अधिकारियों के खिलाफ पुलिस में शिकायत भी देंगे।
एचटी लाइन का विरोध
ग्रामीणों में हाइटेंशन लाइन लगाए जाने को लेकर भी रोष है। बताया जा रहा है कि पावर हाउस के बाद गांव की फिरनी से हाइटेंशन तार निकाली जाएंगी। ग्रामीणों ने कहा कि एक तरफ तो हाइटेंशन तारों को हटाने पर जोर दिया जा रहा है और उनके गांवों में यह खतरनाक लाइन लगाने की योजना बन रही है। वह हाइटेंशन लाइन नहीं लगने देंगे।
नहीं लगने देंगे मीटर बाहर
गांव में फिलहाल बिजली के मीटर घरों से बाहर लगाने का काम चल रहा है। इस योजना का भी ग्रामीण विरोध जता रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें मीटर बाहर लगवाने से कोई परहेज नहीं, लेकिन यह काम नियमों के हिसाब से किया जाए। जिन क्षेत्रों में लोग बिल नहीं भरते, उस तरफ तो अधिकारी जा भी नहीं रहे। जो लोग ईमानदारी से बिल भरते हैं, उनके मीटरों को बाहर निकाला जा रहा है। ओमप्रकाश फौजी, जय सिंह, समे सिंह, रमेश, रामकुमार, सतपाल, रूप चंद समेत काफी लोग पंचायत में मौजूद रहे।