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रंगदारी मांगने के मामले को लेकर बंद रही दवाइयों की दुकानें

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प्रदर्शन करते दवा विक्रेता। - फोटो : Jhjhar
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झज्जर। शहर के एक दवा थोक विक्रेता से करीब एक सप्ताह पूर्व 20 लाख रुपये की रंगदारी मांगने के मुख्य आरोपी को पुलिस एक सप्ताह बाद भी गिरफ्तार नहीं कर पाई है। मामले को लेकर सोमवार को केमिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर शहर के सभी दवा विक्रेताओं ने अपनी दुकानें बंद रखकर घटना का विरोध जताया। सोमवार सुबह दस बजे झज्जर केमिस्ट एसोसिएशन के सदस्य हरिपुरा मोहल्ला स्थित श्रीराम धर्मशाला में एकत्रित हुए। इसके बाद सभी दवा विक्रेता व्यापार मंडल के पदाधिकारियों के साथ प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे और उपायुक्त को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
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व्यापार मंडल के जिला प्रधान राकेश अरोड़ा ने रंगदारी की घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि तीन माह में यह तीसरी घटना है। इस घटना के बाद से दवा विक्रेताओं के अलावा अन्य दुकानदारों में भी भय का माहौल व्याप्त है। उन्होंने कहा कि झज्जर केमिस्ट एसोसिएशन के साथ व्यापार मंडल कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। वही केमिस्ट एसोसिएशन के प्रधान संजय मलिक और उपप्रधान आकेश नेहरा ने कहा कि एसोसिएशन ने मजबूरी में दवा की दुकानें बंद करने का निर्णय लिया है।
मुख्यारोपी को जल्द गिरफ्तार करे पुलिस
केमिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने प्रशासन से मांग की है कि रंगदारी मांगने वाले मुख्य आरोपी अक्षय को जल्द गिरफ्तार किया जाए। उन्होंने बताया कि अगर इस मामले में कड़ी कार्रवाई नहीं की जाती है तो भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ को भी एक ज्ञापन सौंपा जाएगा। सभी दवा विक्रेता एकत्रित होकर प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। दुकानें बंद होने के कारण लोगों को भी दवाईयां लेने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।
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भटकते रहे लोग
लोग दवाइयों के लिए इधर से उधर भटकते नजर आए। क्योंकि लॉकडाउन के दौरान भी दवाईयों की दुकानें खुली हुई थी। लेकिन रंगदारी की घटना के बाद पहली बार दवाइयों की सभी दुकानें बंद हुई हैं। इस दौरान कई उपभोक्ता जरूरी दवाओं को लेकर एक-दूसरे को पूछते नजर आए।
4 अगस्त को मिली थी धमकी
4 अगस्त को अक्षय नामक एक व्यक्ति ने फोन पर थोक दवा विक्रेता मुकेश पोपली को अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए 20 लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। फोन पर रंगदारी मांगने वाले ने दवा विक्रेता मुकेश पोपली को धमकी भरे लहजे में कहा था कि एक सप्ताह के अंदर अगर राशि नहीं मिली तो अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहें। इसी घटना से सहमे दवा विक्रेताओं के अलावा झज्जर व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने भी बंद में शिरकत करके इस मामले के दोषी को गिरफ्तार करने की मांग की।

बंद पड़ी दवाईयों की दुकान।- फोटो : Jhjhar

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