लिपिक कर्मचारी अपनीं मागों को लेकर बैठक करते हुए ।स्त्रोत स्वयं
झज्जर। क्लेरिकल एसोसिएशन वेलफेयर सोसाइटी अपनी जायज मांगों को लेकर एक बार फिर सरकार के समक्ष मुखर तरीके से आवाज उठाने के लिए कमर कस ली है। इस संबंध में राज्य कार्यकारिणी के सदस्य और झज्जर जिला कार्यकारिणी की बैठक हुई।
बैठक की अध्यक्षता देवेन्द्र खुंगा वरिष्ठ सदस्य ने की। उन्होंने कहा कि लिपिक वर्ग की भावनाओं को समझते हुए आगामी 18 फरवरी को करनाल में रोष प्रदर्शन किया जाएगा, जिसके तहत हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों, बोर्डों, निगमों व विश्वविद्यालयों में कार्यरत लिपिकीय वर्ग के कर्मचारी भाग लेंगे व सरकार को अपने वेतन संबंधित मांगों को लेकर चेताने का कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने 18 फरवरी तक लिपिकीय वर्ग की मांगों की तरफ ध्यान नहीं दिया तो वहां कोई बड़ा फैसला लिया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी हरियाणा सरकार की होगी। लिपिक वर्ग के सदस्यों ने कहा कि सरकार उनके साथ वेतन को लेकर नाइंसाफी कर रही है। इस बारे में पूर्व में लिपिक वर्ग बड़ा आंदोलन कर सरकार को अपने तेवर दिखा चुका है। उन्होंने कहा कि लिपिक वर्ग सरकारी कार्यालयों में सबसे अधिक कार्य करने वाला वर्ग है और सरकारी हर योजना को अमलीजामा पहुंचाने में इनकी सबसे अहम भूमिका रहती है। इसके बावजूद सरकार इस वर्ग के साथ घोर अन्याय कर रही है और वेतन संबंधित मांगों पर अड़ियल रवैया अपनाए हुए है।
इस अवसर पर कर्ण मोगा, राजेश भारद्वाज, गणेश कुमार , प्रवीन पेडवाल, अनिल ग्रेवाल, जगबीर फौजी, वीर कुमार, जगत नेहरा, जया, विकास छोकर, सुनील राठी, राकेश धारीवाल, संदीप दांगी, नीतू रानी मौजूद रहे।