बहादुरगढ़। नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा की हड़ताल सोमवार को 11वें दिन भी जारी रही। सड़कों, गलियों और चौक-चौराहों पर करीब 1,350 टन कूड़े के ढेर जमा हो चुके हैं। जगह-जगह फैली गंदगी और उठ रही बदबू से लोगों की परेशानी बढ़ गई है तथा बीमारियां फैलने का खतरा भी मंडराने लगा है। खुद नगर परिषद कार्यालय में भी भारी मात्रा में कूड़ा पड़ा है। सफाई नहीं हो रही है।
घर-घर से कूड़ा नहीं उठने के कारण लोग मजबूरी में कूड़ेदानों की बजाय सड़कों और खाली प्लॉटों में कूड़ा डाल रहे हैं। कई कॉलोनियों में कूड़ा सड़ने लगा है। बाजार में दुकानदारों ने खुद आगे आकर सफाई अभियान चलाया। व्यापारियों ने दुकानों के बाहर जमा कूड़े को उठाकर कूड़ा कलेक्शन सेंटर तक पहुंचाया।
सफाई कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर लगातार धरने पर डटे हुए हैं। कर्मचारियों की मुख्य मांगों में कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना, ठेका प्रथा समाप्त करना, पुरानी पेंशन बहाल करना और सुप्रीम कोर्ट व हाई कोर्ट के आदेशों को लागू करना शामिल है। साथ ही झज्जर में भूख हड़ताल के दौरान मृत हुए कर्मचारी राजेश को शहीद का दर्जा देने, 50 लाख रुपये मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग भी उठाई गई।
हड़ताल को अब विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों का समर्थन भी मिलने लगा है। जेजेपी से जिला अध्यक्ष संजय दलाल, पूर्व पार्षद राजू दलाल, किसान संगठन जेजेपी के प्रदेश प्रवक्ता मुकेश, जिला महासचिव अमर सिंह, सुभाष चंद्र, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप गोछी, बीएसपी के विधानसभा अध्यक्ष बलजीत सिंह तंवर और जिला अध्यक्ष सतबीर ने धरना स्थल पर पहुंचकर सफाई कर्मचारियों को समर्थन दिया।
यूनियन के प्रधान राजेश बालगुहेर ने बताया कि सरकार की ओर से समाधान नहीं मिलने पर हड़ताल को 14 मई तक और बढ़ा दिया गया है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
फोटो-58: बहादुरगढ़ के रोहतक-दिल्ली रोड पर सिविल अस्पताल के पास पड़ा कूड़ा। संवाद- फोटो : पूर्व हवलदार एवं दिव्यांग राजेश कुमार मलिक।