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Jhajjar-Bahadurgarh News: सबसे खराब स्थिति में है छुड़ानी गांव, खेतों में अभी भी भरा 9 फीट पानी

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-फोटो 58 : यह तालाब नहीं, छुड़ानी गांव के खेत हैं, इसमेंं भरा पानी। संवाद
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बहादुरगढ़। उपमंडल के छुड़ानी गांव में डूबी हजारों एकड़ फसल से पानी निकासी अब तक शुरू नहीं हुई है। प्रशासनिक आपदा का शिकार बना छुड़ानी गांव आज भी जलभराव बाढ़ के भीषण संकट से गुजर रहा है। खेतों में 4 से 9 फीट तक पानी भरा हुआ है। खेतों में बने कोठड़े और सोलर पंप सेट भी पानी में डूब चुके हैं।
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मातन लिंक ड्रेन से पानी की पंपिंग बंद करने के कारण छुड़ानी के डहरी और थली क्षेत्र की एक हजार एकड़ से ज्यादा फसल पानी के अंदर समा चुकी है। अब किसानों को यह डर बना हुआ है कि गेहूं की फसल की बिजाई भी हो पाएगी या नहीं। शनिवार को एसडीएम नसीब कुमार ने भी छुड़ानी गांव का दौरा किया। उन्होंने माना कि छुड़ानी गांव की स्थिति बेहद खराब है।

गांव के किसान अजीत सिहं, लाला, जगदीश ने बताया कि खेतों में धान की बढ़िया फसल लहलहा रही थी लेकिन उसी बीच एकदम से सिंचाई विभाग और जिला प्रशासन ने मिलकर मातन लिंक ड्रेन से पानी की पंपिंग बंद करवा दी और मातन लिंक ड्रेन ओवरफ्लो होकर खेतों में जमा हो गई।
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बारिश बंद हुए भी काफी वक्त बीत चुका है। केसीबी ड्रेन का जलस्तर भी नीचे आ चुका है। बावजूद इसके मातन लिंक ड्रेन से पानी की पंपिंग केसीबी ड्रेन में शुरू नहीं करवाई गई है। छुड़ानी गांव में एसडीएम नसीब कुमार ने भी बीडीपीओ और नायब तहसीलदार के साथ गांव के खेतों का मुआयना किया।

केसीबी ड्रेन की नहीं हुई सफाई
गांव वालों ने उन्हें बताया कि मातन लिंक ड्रेन को खराब बनाया गया और केसीबी ड्रेन की सफाई नहीं की गई। एसडीएम नसीब कुमार ने माना कि उनके उपमंडल में सबसे खराब स्थिति छुड़ानी गांव की है। भारी बारिश और ड्रेन ओवरफ्लो के कारण ये हालात बने हैं। केसीबी ड्रेन से जलकुंभी और अवैध तरीके से लगे मछली के जाल हटाने के निर्देश एक्सईएन सिंचाई विभाग को दिए हैं। उन्होंने ये भी कहा कि जैसे ही ड्रेन की जलस्तर कम होगा वैसे ही गांव के खेतों से पंपिंग के जरिए पानी की निकासी करवा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि गांव की समस्या के स्थाई समाधान के लिए जिला उपायुक्त की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में बड़ी योजना भी बनाई जाएगी।

-फोटो 58 : यह तालाब नहीं, छुड़ानी गांव के खेत हैं, इसमेंं भरा पानी। संवाद

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