बहादुरगढ़। ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन से जुड़े किसानों व खेत मजदूरों ने बुधवार को ढांसा बॉर्डर पर प्रदर्शन किया। उन्होंने कृषि कानून रद्द करो, बिजली बिल 2020 वापस लो, कॉर्पोरेट की दलाली करना बंद करो और किसान मजदूर एकता जिंदाबाद के जोरदार नारे लगाए। सभा को संबोधित करते हुए किसान नेताओं ने 26 जून को आंदोलन के 7 महीने पूरे होने पर और इमरजेंसी की 46वीं वर्ष होने के अवसर पर ज्यादा से ज्यादा संख्या में चंडीगढ़ स्थित राजभवन पर पहुंचने का आह्वान किया।
बार्डर पर मौजूद आंदोलनकारियों को संगठन के प्रदेश अध्यक्ष अनूप सिंह मातनहेल, उपाध्यक्ष विजय कुमार रेवाड़ी, सचिव जयकरण मांडोठी, एडवोकेट राजेंद्र सिंह सोलंकी और जय किशन मांडोठी ने संबोधित किया। अनूप सिंह ने कहा कि मोदी सरकार ने जबरन तीन कृषि कानून किसानों पर थोप दिए। उनके खिलाफ संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले लड़ाई लड़ी जा रही है। हरियाणा व मोदी सरकार ने आंदोलनकारियों पर ज्यादतियां की, उन्हें खालिस्तानी, पाकिस्तान समर्थक, आंदोलनजीवी तक कहा गया। झूठे आरोप लगाकर बदनाम करने की कोशिशें की गई। विनाशकारी और देशद्रोही भी गया गया। उन्होंने कहा कि ग्यारह दौर की वार्ता के बाद कोई हल नहीं निकला। उन्होंने कहा कि ये कानून न केवल किसानों के खिलाफ हैं, बल्कि देश की तमाम मेहनतकश जनता के हितों के खिलाफ हैं और कृषि उपज के बड़े बड़े थोक व्यापारियों, पूंजीपतियों, कॉर्पोरेट घरानों और जमाखोरों के हित में हैं।
प्रदेश सचिव जयकरण मांडोठी ने कहा कि खेती में लागत लगातार बढ़ रही है। डीजल, खाद, कीटनाशक व औजारों के दाम आसमान छू रहे हैं। खरीफ की फसलों के एमएसपी में नाम मात्र की वृद्धि की गई है जो बढ़ी हुई महंगाई को भी कवर नहीं करती। लगातार कई सालों से मोदी सरकार झूठ बोल रही है कि 2022 तक किसानों की आय दोगुनी कर दी जाएगी परंतु हालात ये है कि किसानों की आय तब तक आधी भी नहीं रह जाएगी। जय किशन दलाल ने कहा कि तीनों कानून रद्द होने तक किसान अपने घरों को वापस नहीं जाएंगे।
एडवोकेट राजेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि वकीलों का पैनल बनाया गया है। किसानों पर बन रहे सभी मुकदमों की पैरवी नि:शुल्क होगी। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष करतार सिंह अच्छेज, रामफल सिंह सुहाग, सुरेश कुमार अहलावत, हरि सिंह, रिसाल सिंह, रवि अहलावत, फूल कुमार, हरीश कुमार, भारत, रामकिशन, रण सिंह, शमशेर सिंह, जगदीश, भीम सिंह व सतनारायण ने भाग भी भाग लिया।