छुछकवास बाईपास के लिए अब लोकनिर्माण विभाग किसानों से सीधे जमीन खरीदेगा। इसके लिए चिन्हित की गई भूमि ई-भूमि पोर्टल पर डाल दी गई है। इसके लिए भू-मालिकों की तरफ से भूमि के कागजात भी अपडेट करना शुरू कर दिया गया है। बाईपास के लिए खरीदी जाने वाली जमीन के लिए राजस्व विभाग की तरफ से अवॉर्ड आदि नहीं किया जाएगा। किसानों से विभाग ई-भूमि पोर्टल के माध्यम से कलेक्टर रेट के हिसाब से नियमानुसार भूमि खरीदी जाएगी। मारौत रोड से मातनहेल रोड को जोड़ने वाले करीब छह किलोमीटर लंबे बाईपास का निर्माण कार्य जमीन खरीद की प्रक्रिया पूरी होते ही लोक निर्माण विभाग की तरफ से शुरू किया जाएगा। गांव के सरपंच के मुताबिक बाईपास के लिए भूमि देने के लिए करीब 80 प्रतिशत लोग अपनी सहमति भी जता चुके हैं। भूमि मालिकों को ई-पोर्टल पर कागजात अपलोड करने के बाद विभाग के नाम रजिस्ट्री करवानी होगी। बताया जा रहा है कि कलेक्टर रेट के अलावा नियमानुसार भूमि मालिकों करीब डेढ़ गुणा राशि अतिरिक्त दी जाएगी। सरकार की तरफ से करीब डेढ़ महीने पहले बाईपास के लिए करीब 25 करोड़ रुपये की राशि को मंजूरी दी जा चुकी है।
नेशनल हाईवे के लिए भी बनेगा बाईपास :
छुछकवास गांव से होकर गुजरने वाले नेशनल हाईवे 334बी के लिए भी जहाजगढ़ रोड से चरखी दादरी रोड को जोड़ने वाले बाईपास का निर्माण भी किया जाएगा। इस बाईपास के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी की तरफ से जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। हालांकि इस भूमि के लिए किसानों से सहमति की आवश्यकता नहीं है। क्योंकि नेशनल हाईवे अथॉरिटी सड़क के लिए आवश्यकता के अनुसार भूमि का अधिग्रहण कर सकती है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी की तरफ से नेशनल हाईवे 334 बी का निर्माण कार्य शुरू किया हुआ है। हालांकि झज्जर से चरखी दादरी के बीच की सड़क को अभी दो लेन रखा गया है। बाकि मेरठ बॉर्डर से लोहारू बॉर्डर तक की सड़क को फोर लेन बनाया जा रहा है।
-जाम से मिलेगी निजात
छुछकवास में बाईपास का निर्माण होने के बाद यहां पर अकसर लगे रहने वाले जाम की समस्या से वाहन चालकों और आमजन को निजात मिल पाएगी। छुछवास चौक पर ट्राली उद्योग की दुकानें अधिक होने के कारण और दिर-रात हजारों की संख्या में वाहन गुजरने के कारण अधिकांश समय जाम लगा रहता है। चौक पर भारी वाहनों को मुड़ने के लिए जगह कम होने की वजह से जाम लगा रहता है। क्योंकि दिल्ली, गुरूग्राम क्षेत्र को जाने वाले, रोहतक- झज्जर, राजस्थान आदि को जाने वाले वाहन यहां से ही गुजरते हैं।
बाईपास के लिए भूमि को ई-पोर्टल पर डाल दिया गया है। भूमि मालिक अब विभाग के नाम रजिस्ट्री करवा कर जमीन की राशि प्राप्त कर सकते हैं। 80 प्रतिशत लोग सहमति जता चुके हैं।
- महेंद्र सिंह, सरपंच, छुछकवास।
ई-पोर्टल पर बाईपास के लिए चिन्हित की गई भूमि को डाला जा चुुका है। किसानों को अपने कागजात पोर्टल पर अपलोड करने हैं। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद आगामी कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
- विरेंद्र सिंह मलिक, एसई, लोकनिर्माण विभाग, झज्जर।