झज्जर। अवैध र्होंडिगं और फ्लैक्स से शहर का सुंदरीकण प्रभावित हो रहा है। हादसो का भी डर बना है लेकिन इसे लेकर नगर परिषद गंभीर नहीं है। शहर में 15 से ज्यादा प्रिंटिंग प्रेस हैं। जहां हर साल 4 करोड़ रुपये से ज्यादा के होर्डिंग, फ्लैक्स, बैनर और पोस्टर छपवाए जाते हैं, लेकिन इतना कारोबार होने के बावजूद किसी प्रिंटिंग प्रेस संचालक द्वारा इन्हें शहर में लगाने के लिए अनुमति नहीं ली जाती। अवैध ढंग से इन्हें लगाकर नगर परिषद को भी राजस्व का चूना लगाया जा रहा है।
शाम होते हीगाड़ियों में भरे गए होर्डिंग, फ्लैक्स, बैनर और पोस्टरों को शहर में लगा दिया जाता है। शहर में 15 से ज्यादा दुकान हैं। एक दुकान पर हर माह लगभग दो से ढ़ाई लाख रुपये के होर्डिंग, बैनर, फ्लैक्स और पोस्टर छापे जाते हैं। इनको लगाने के लिए किसी प्रकार की अनुमति नगर परिषद से नहीं ली जाती ,जबकि किसी भी होर्डिंग, फ्लैक्स, बैनर और पोस्टर को लगाने के लिए नप से अनुमति लेनी होती है। बाकायदा इसके लिए राजस्व भी जमा करवाना होता है।
शहर में केवल 18 साइट, फिर भी पूरा शहर होर्डिंग से अटा पड़ा
नगर परिषद द्वारा शहर में केवल 18 साइट तय की गई है, जहां पर ठेकेदार के माध्यम से ही होर्डिंग, बैनर, फ्लैक्स लगवाए जा सकते हैं। उसके बावजूद विभिन्न राजनेता, शिक्षण संस्थाओं के अलावा अन्य लोगों द्वारा अपने प्रचार के लिए होर्डिंग लगवाए हुए हैं और पूरे शहर की सुंदरता को खराब कर रखा है।
नगर परिषद नहीं कर रही कोई चालान
होर्डिंग, फ्लैक्स की वजह से पूरे शहर की सुंदरता खराब हो चुकी है, लेकिन नगर परिषद द्वारा इस तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा। पिछले अप्रैल से लेकर अब तक कोई चालान नहीं काटा गया है। ऐसे में इन लोगों के हौंसले बुलंद है। यही नहीं इनको हटाने के लिए भी कोई विशेष अभियान नहीं चलाया जा रहा।
वर्जन
नगर परिषद द्वारा समय-समय पर अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाया जाता है। इसके लिए टीमें बनाई गई है। जल्द ही दोबारा भी अभियान चलाया जाएगा।
नवीन कुमार, एमई, नगर परिषद, झज्जर