फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भाजपा-जजपा गठबंधन का खिसक रहा जनाधार : शैलजा

विज्ञापन
विज्ञापन
झज्जर। जजपा और भाजपा का जनाधार पूरी तरह से खिसक रहा है। कृषि कानूूनों को खत्म करवा कर अन्नदाताओं ने सरकार के अहंकार को तोड़ा है। उक्त बातें कांग्रेस की प्रदेशाध्यक्ष कुमारी शैलजा ने कहीं हैं। वह बुधवार को झज्जर जिले में निजी समारोह में भाग लेने के लिए आईं थीं।
विज्ञापन

इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश से माफी मांगते हुए कृषि कानून वापस लेने का एलान किया, लेकिन सरकार की ओर से संसदीय प्रणाली को ताक पर रखा गया। जहां बिल वापसी के समय बहस होनी चाहिए थी, वहां विपक्षी सांसदों को चर्चा तक नहीं करने दी गई। बिना चर्चा किए कृषि कानून बनाए गए और बिना किसी तरह की चर्चा के कानून में रद्द कर दिए गए। यह संसदीय प्रणाली के लिए अच्छा संकेत नहीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को देश से माफी मांगने के साथ-साथ उन किसान परिवारों से भी माफी मांगनी चाहिए थी, जिन्होंने किसान आंदोलन में अपनी शहादत दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी अभी 12 दिसंबर को दिल्ली में होने वाले प्रदर्शन की तैयारी कर रखी है और कांग्रेस की ओर से जन जागरण अभियान चलाया जा रहा है। विधानसभा में कांग्रेस के की ओर से तमाम मुद्दों को उठाया जाएगा। चाहे, उसमें भर्ती घोटाले का मामला हो या महंगाई व बेरोजगारी के मुद्दे हो। कांग्रेंस की ओर से 7 दिसंबर को पंचकूला में एचपीएससी कार्यालय का भी घेराव किया जाएगा।
जननायक जनता पार्टी की झज्जर के गांव दादरी तोए में 9 दिसंबर को होने वाली रैली पर कुमारी शैलजा ने कहा कि भाजपा के खिलाफ वोट मांग कर सरकार का समर्थन करने के बाद से ही जननायक जनता पार्टी का जनाधार खत्म हो गया। कांग्रेस में चुनाव के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा लगातार यह मांग कर रहे हैं कि यूथ कांग्रेस की तरह ही प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव भी वोट डालकर होना चाहिए। यह किसी एक व्यक्ति के फैसले से नहीं होना है। पार्टी अपनी प्रक्रिया के तहत चलेगी और हाईकमान को भी फैसला लेना होता है। इस अवसर पर कांग्रेस लीगल सेल के चेयरमैन बिजेद्र रंगा, कृष्ण कादयान, सुमन लोहचब, एडवोकेट प्रदीप जाखड़, रोशन, मीना कादयान, धर्म सिंह रणखंडा, कुलदीप सिंह, संजय वत्स, सुरेंद्र, विक्रांत, संदीप पूनिया, सोमबीर लोहचब, सांवत आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें