बहादुरगढ़। आपातकाल की 50वीं बरसी पर बुधवार को संविधान हत्या दिवस के अंतर्गत हरि गार्डन में जिलास्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्णलाल पंवार मुख्य वक्ता के रूप में मौजूद रहे। उन्होंने आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र पर सबसे बड़ा हमला बताया।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि यह वह समय था जब संविधान को ताक पर रखकर सत्ता के लिए लोकतंत्र को रौंद दिया गया था। लोकतंत्र केवल चुनाव जीतने या सरकार बनाने तक सीमित नहीं है, यह एक जीवन शैली और मूल्य प्रणाली है। भाजपा सरकार संविधान के मूल तत्वों को आत्मसात करते हुए इसे और मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
वर्ष 1975 में लगाए गए आपातकाल के दौरान न केवल अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, बल्कि भारत के नागरिकों के मौलिक अधिकारों को भी कुचल डाला था। उस समय लाखों लोगों को सिर्फ इसलिए जेलों में बंद कर दिया गया, क्योंकि उन्होंने अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई थी। आपातकाल एक ऐसा दौर था जब ''भारत माता की जय'' कहना गुनाह समझा जाता था और ''एक परिवार'' को ही देश का मालिक बताया जाता था।
कैबिनेट मंत्री पंवार ने कहा कि कांग्रेस के लोग आज संविधान बचाने की बात करते हैं, जबकि इतिहास गवाह है कि 1975 में संविधान की हत्या उन्होंने ही की थी। रात 12 बजे देश पर इमरजेंसी थोप दी गई और आवाज उठाने वालों को जेलों में डाल दिया गया। बाबा साहेब का अपमान कांग्रेस के राज में हुआ। गैर कांग्रेसी सरकार ने बाबा साहेब को भारत रत्न दिया।
बहादुरगढ़ पहुंचने पर प्रशासन की ओर से एसडीएम नसीब कुमार ने कैबिनेट मंत्री का स्वागत किया। इस मौके पर जिला प्रभारी कैप्टन भूपेंद्र सिंह, जिला अध्यक्ष विकास वाल्मीकि, जिप चेयरमैन कप्तान सिंह बिरधाना, दिनेश कौशिक, संजय कबलाना, नप चेयरपर्सन सरोज राठी, वीर कुमार यादव समेत अन्य मौजूद रहे।
कैबिनेट मंत्री कृष्णलाल पंवार ने इनको किया सम्मानित
मनोहरलाल गांधी के सुपुत्र यशपाल गांधी, राम लाल हितैषी के सुपुत्र डॉ. रवींद्र हितैषी, चौ. उदय सिंह दलाल के सुपुत्र जय सिंह दलाल, राम लाल के सुपुत्र तरुण मदान, ईश्वरदास के सुपुत्र करण इलाहाबादी, लला ओंकार प्रसाद सिंघल के सुपुत्र कृष्ण सिंहल, मोतीलाल के सुपुत्र प्रवीण, सत्यप्रकाश शर्मा के सुपुत्र नरेश शर्मा, निर्मल सिंह उर्फ श्रवण कुमार, दीपा, धर्मबीर, राजेंद्र शर्मा, नरेंद्र वत्स दुजाना।