जाट समाज को आरक्षण देने की घोषणा के साथ ही बहादुरगढ़ में हालात तेजी से सामान्य हो रहे हैं। मंगलवार को जिंदगी पटरी पर लौटती हुई दिखी।
जाम खुलने के बाद बाजार खुले रहे, जिसमें लोग जरूरतों का सामान खरीदते हुए दिखे। सड़कों पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिली।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे बहादुरगढ़ में मंगलवार को हालात काफी ठीक दिखे। हालांकि फिर भी दिनभर लोग अपने परिचितों से फोन के माध्यम से हालात को लेकर जानकारी जुटाते रहे।
खूब रही चहल-पहल
आरक्षण की मांग को लेकर कई दिनों बाद बाजारों में रौनक रही। कई दिन से ठप पड़ा दुकानदारों व अन्य व्यवसायियों का धंधा मंगलवार को दुकानें खुलने से शुरू हो गया।
रेलवे रोड, नाहरा-नाहरी रोड, दिल्ली-रोहतक रोड, मेन बाजार, नजफगढ़ रोड, झज्जर रोड, बराही रोड सहित अन्य प्रमुख मार्गों पर आम लोगों की खूब चहल-पहल रही।
सरकारी कार्यालय में नहीं दिखी भीड़
मंगलवार को खुले सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों की संख्या काफी कम देखने को मिली। हालांकि यहां पर कामकाज तो होता रहा लेकिन लोग भी ज्यादा नहीं दिखे।
नगर परिषद में आमतौर पर जहां खूब भीड़भाड़ रहती थी वहां के हालात दिनभर ज्यादा ठीक देखने को नहीं मिले। यही हाल में बिजली निगम कार्यालय का भी रहा।
यहां स्टाफ तो मौजूद रहा लेकिन कामकाज के लिए आने वाले लोगों की संख्या नाममात्र ही देखने को मिली।
ओपीडी में लगी रही भीड़
आरक्षण मसले को लेकर लगाए गए कर्फ्यू के तहत ओपीडी सेवाएं भी बाधित हो गई थी। पिछले तीन रोज से लोग इलाज के लिए भटक रहे थे।
आपातकालीन सेवाएं निरंतर जारी रही, लेकिन यहां पर्याप्त इलाज व दवाइयां न मिलने से मरीज परेशान रहे। मंगलवार को सिविल हास्पिटल में ओपीडी सेवाएं मिली।
हर विभाग के डॉक्टर की ओपीडी के आगे मरीज लाइन में लगे दिखे। सबसे ज्यादा दिक्कत तो दवा डिस्पेंसरी पर हुई। यहां कई-कई लंबी लाइनें बनी हुई थी।