फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आंदोलन से निपटने के लिए प्रशासन तैयार, इंटरनेट सेवाएं बंद

Fri, 18 Mar 2016 12:54 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला झज्जर
विज्ञापन
हरियाणा पुलिस - फोटो : Bureau
विज्ञापन
जाटों के अल्टीमेटम को लेकर प्रशासन वीरवार को पूरा दिन हालातों से निपटने की तैयारी में लगा रहा। दिन में जहां डीसी व एसपी ने विभिन्न गांवों का दौरा कर ग्रामीणों से जाम लगाने वालों से निपटने के लिए सहयोग मांगा। वहीं साम को जिले में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं। साथ ही 19 मार्च तक शराब के ठेके भी बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं। शहर में धारा 144 लागू हैं। वीरवार साम को पुलिस ने नाके लगाकर शहर को भी सील कर दिया।
विज्ञापन


शहर में आने वाली गाड़ियों की भी तलाशी ली जा रही है। प्रशासन ने दिन भर जाट नेताओं पर नजर रखी। रोहतक में चल रही बैठक के फैसले को लेकर प्रशासनिक अधिकारी सचेत दिखे। रोहतक में जाम लगाने जैसा फैसला लिए जाने की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आ गया। हालांकि बाद में पता चला कि फिलहाल रोड जाम का फैसला टाल दिया गया है। शहर में सुरक्षा के लिहाज से आरपीएफ और अतिरिक्त पुलिस फोर्स के पांच हजार जवान पड़े हैं। जो किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए तैयार हैं। वहीं कुछ जाट नेताओं ने शांतिपूर्ण ढंग से प्रशासन बातचीत करने की बात कही है।

यहां लगे थे जाम, अब वहां पहुंचा प्रशासन
जाट आंदोलन के दौरान फरवरी में गांव डीघल व ग्वालीसन में रोड जाम किया गया था। प्रशासन को भय था कि इस बार भी रोड जाम की नौबत आयी तो यहां जाम लगाए जा सकते हैं। इसको देखते हुए डीसी अनीता यादव व एसपी जशनदीप सिंह ने अप्रिय स्थिति से निपटने में ग्रामीणों का सहयोग लेने के लिए वीरवार साम को इन दोनों स्थानों का दौरा किया। डीसी ने कहा कि इलाके में शांति व भाईचारा बनाए रखने में आप सब का योगदान महत्वपूर्ण है। ऐसे में किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न होने न दें।
विज्ञापन


मोबाइल इंटरनेट सेवा बंद
झज्जर। कानून व्यवस्था व शांति बनाए रखने के लिए वीरवार साम को तुरंत प्रभाव से मोबाइल इंटरनेट सेवा बंद करने के लिए डीसी ने आदेश जारी कर दिया है। जिसके बाद कुछेक को छोड़कर सभी मोबाइल फोन के इंटरनेट बंद कर दिए गए हैं। 2जी, 3जी, और जीपीआरएस इंटरनेट व बल्क मैसेज के माध्यम से भड़काऊ गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए इस सेवा बंद कर दिया गया है। जिला मजिस्ट्रेट एवं डीसी अनीता यादव ने दंड प्रक्रिया संहिता, 197 की धारा 144 में निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए दूरसंचार सेवा प्रदाता कंपनियों को तुरंत प्रभाव से इंटरनेट सेवा बंद रखने के आदेश दिए हैं। इन आदेशों का किसी व्यक्ति या कंपनी ने उल्लंघन किया तो उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की की धारा 188 के तहत कार्रवाई की जाएगी। यह सेवा आगामी आदेशों तक बंद रहेगी।

शराब की दुकानें 19 तक बंद
 झज्जर जिले में तुरंत प्रभाव से शराब की दुकानों को बंद करने के आदेश दिए गए हैं। यह आदेश 19 मार्च तक प्रभावी रहेंगे। जिलाधीश एवं उपायुक्त अनीता  यादव ने पंजाब आबकारी अधिनियम, 1914 की धारा 54 के तहत जिले में यह आदेश जारी किए हैं। जिले में कानून व्यवस्था बहाल रखने के लिए यह आदेश दिए गए हैं।

जेसीबी का दुरुपयोग करने पर होगी कार्रवाई
झज्जर। झज्जर जिले में प्रस्तावित आंदोलन के दौरान सड़कों व अन्य सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वाली जेसीबी मशीनों को तुरंत जब्त कर लिया जाएगा। डीसी ने बताया कि बीते दिनों हुए आंदोलन के दौरान बड़े पैमाने पर जेसीबी मशीनों का दुरुपयोग करते हुए शरारती तत्वों ने सड़कों को क्षतिग्रस्त किया व अन्य संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया। जिसके कारण उपद्रव के दौरान सेना व राहत टीमों को पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ा। ऐसे में इस बार हरियाणा सरकार की ओर से ऐसे तत्वों व उन जेसीबी मालिकों के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश मिले है। जिनके संसाधन अवांछनीय गतिविधियों में संलिप्त मिले।

प्रशासन पहुंचा गांव-गांव
झज्जर। सामाजिक तानेबाने को बिगाड़ने वाले किसी धर्म अथवा जाति विशेष के नहीं अपितु राष्ट्र के सबसे बड़े दुश्मन होते हैं, ऐसे शरारती तत्वों से सावधानी बेहद जरूरी है ताकि हमारा भाईचारा व सौहार्द बना रहे। यह आह्वान उपायुक्त अनीता यादव तथा एसपी जश्नदीप सिंह रंधावा ने किया। वे प्रशासनिक अधिकारियों के साथ संयुक्त रूप से गुरुवार को झज्जर जिले के गांव दुजाना, बिरधाना, महराणा सहित अन्य गांवों में शांति बहाली की अपील करने लोगों के बीच पहुंचे। ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों व प्रबुद्धजनों से हुई बातचीत में लोगों ने प्रशासन को विश्वास दिलाया कि भविष्य में बीते दिनों हुई घटना की पुनरावृत्ति बिल्कुल नहीं होने दी जाएगी और प्रशासन को भरपूर सहयोग दिया जाएगा। उन्होंने ग्रामीण सभाओं में सचेत किया कि किसी भी रूप से शांति भंग करने वालों पर प्रशासन की ओर से राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासूका) के तहत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन द्वारा संयुक्त रूप से पूरे जिले की मॉनीटरिंग की जा रही है।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें