15jjrp05- परीक्षा में भाग लेती बिरोहड़ गांव निवासी 95 वर्षीय मेवा। स्रोत-शिक्षा विभाग
झज्जर। बिरोहड़ निवासी मेवा ने 95 साल की उम्र में कलम थामी और साक्षर बनने का दृढ़ निश्चत किया। पढ़ने-लिखने के लिए उनके पोते-पोतियों ने भी पूरा सहयोग किया। पोते विजेंद्र सिंह ने बताया कि उनकी दादी पंथ से जुड़ी हुई हैं और पंथ की किताबों को उनसे सुनती थीं। इसके बाद उनको खुद उसे पढ़ने की चाह हुई।
वह खुद बिना चश्मे के ही पूरी किताबें आसानी से पढ़ लेती हैं। उनको हिंदी का पूरा ज्ञान हो चुका है। रविवार को शिक्षा विभाग की तरफ से नव साक्षरता योजना के तहत परीक्षा ली जिसमें उनकी दादी मेवा ने भी भाग लिया और उसे पूर्ण किया है।
मेवा ने बताया कि उनको पढ़ने-लिखने का मन करता था लेकिन अनपढ़ होने के कारण वह पढ़ नहीं पाती थीं। बच्चों ने पढ़ने-लिखे में सहयोग किया जिसके चलते आज वह हिंदी की सभी किताबें आसानी से पढ़-लिख लेती हैं।
1375 ने कराया पंजीकरण, 147 केंद्रों पर 1155 ने दी परीक्षा
नव भारत साक्षर अभियान के तहत रविवार को 147 केंद्रों पर परीक्षा का आयोजन किया गया। इसके लिए जिले भर से कुल 1375 लोगों ने पंजीकरण करवाया हुआ था। इसमें से 1155 लाेगों ने विभिन्न केंद्रों पर परीक्षा दी। परीक्षा को लेकर अधिकारियों की निरीक्षण के लिए ड्यूटियां लगाई गई थी। अभियान के जिला कोऑर्डिनेटर विक्रम सिंह ने बताया कि परीक्षा के आयोजन के लिए ब्लाक स्तर पर ड्यूटियां लगाई गई थी। मातनहेल ब्लॉक के लिए पवन कुमार, साल्हावास के लिए आकाश, बेरी के लिए अनिल कुमार, झज्जर के लिए संजय शर्मा और बहादुरगढ़ के लिए लोकेंद्र ने विभिन्न केंद्रों का दौरा किया।