बहादुरगढ़। प्रदेश सरकार ने अब राजस्व विभाग के पार्टल को नगर निकाय के पोर्टल से लिंक कर दिया है। ऐसे में अब लोगों को प्रापर्टी आईडी के लिए नगर परिषद कार्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। जैसे ही प्लाट की रजिस्ट्री होगी, वैसे ही पुराने मालिक का नाम प्रापर्टी आईडी से डिलीट हो जाएगा और नए मालिक का नाम ऑटोमेटिक दर्ज हो जाएगा। इससे लोगों को काफी राहत मिलेगी।
नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी संजय रोहिल्ला ने कहा कि प्रापर्टी आईडी बनाने की प्रक्रिया अब सरल की जा रही है। प्रदेश सरकार के नए एसओपी यानी स्टैंडर्ड ऑपरेटिक प्रोसेजर में नियमों में बदलाव किए जाने के बाद शहरवासियों के हित में यह सुविधा शुरु हो गई है। इसमें पहले नया प्लाट या मकान खरीदने वालों को नगर परिषद कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते थे। ऑनलाइन आवेदन करना पड़ता था। कई दिनों तक बहुत सारी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद भी नाम में बदलाव नहीं हो पाते थे। अब यह काम अपने आप ही पूरा हो जाएगा। आवेदन करते समय अगर आवेदन ने संपत्ति की बिक्री का विकल्प चुना है तो नई प्रापर्टी आईडी अस्थायी रूप से छह माह उपलब्ध रहेगी। प्रापर्टी आईडी बनने के बाद तीन माह तक इस आईडी में कोई भी बदलाव नहीं होगा। इसके मालिक को तीन महीने के अंदर रजिस्ट्री करानी होगी। अगर रजिस्ट्री नहीं कराई तो प्रापर्टी आईडी का विवरण तहसील के साफ्टवेयर से स्वत: अपडेट हो जाएगा।
सामान्य आवदेन में 10 दिन व तत्काल योजना में दो दिन में बनेगी आईडी
अब शहरी क्षेत्र में संपत्तियों के विभाजन भी आसानी से हो सकेंगे। जिस संपत्ति की प्रापर्टी आईडी से विभाजन होगा तो विभिाजित प्रापर्टी के लिए उप प्रापर्टी आईडी बनाई जाएगी। इसमें सबसे पहले संपूर्ण संपत्ति के बकाया प्रापर्टी टैक्स और विकास शुल्क का भुगतान करना होगा। इसके लिए समय सीमा तय है। विभाजित प्रापर्टी की नई आईडी सामान्य आवेदन पर 10 कार्य दिवस और तत्काल योजना में दो कार्य दिवस में आईडी बनानी होगी।
प्रापर्टी मालिक की मृत्यु होने पर इन दस्तावेज की होगी जरूरत
अगर प्रापर्टी मालिक की मृत्यु हो चुकी है और उसके वारिसों का आईडी में नाम चढ़वाना है तो मृत्यु प्रमाण पत्र कानूनी उत्तराधिकारियों के शपथ पत्र आवश्यक हैं। मालिक को बकाया भुगतान और संपत्ति को स्वयं प्रमाणित करना होगा। वहीं सामान्य स्थिति में प्रापर्टी का विभाजन होना है और नई आईडी बननी है तो इसके लिए मालिक का पहचान पत्र, मलकियत का सबूत, साइट प्लाअन, संपत्ति के फोटोग्राफ आदि जरूरी हैं।
बहादुरगढ़ शहर में प्रापर्टी का ब्यौरा
प्रापर्टी का प्रकार
संख्या
रिहायशी
46,050
वाणिज्यिक
4396
इंडस्ट्री
3076
कृषि
1464
संस्थागत
291
टावर प्रापर्टी
444
विशेष कैटेगरी
898
मिक्स यूज
4794
खाली प्लाट
21955
कुल
83368
वर्जन...
प्रापर्टी आईडी बनाने की प्रक्रिया सरल की जा रही है। अब रजिस्ट्री होते ही राजस्व विभाग के पोर्टल से नगर परिषद का पोर्टल अपने आप अपडेट हो जाएगा। ऐसे में प्रापर्टी आईडी में नाम दर्ज कराने के लिए अलग से कोई प्रक्रिया नहंी अपनानी पड़ेगी।
-संजय रोहिल्ला, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद बहादुरगढ़।