बहादुरगढ़। शुक्रवार को बहादुरगढ़ में प्रदूषण का स्तर एक्यूआई 231(ओरेंज कलर) पर पहुंच गया। इसी के साथ ही जिले में ग्रैप के पहले चरण की पाबंदी भी लागू हो गई। अब रेस्टोरेंट, होटल और ढाबों में तंदूर, लकड़ी और कोयले का इस्तेमाल नहीं हो सकेगा। ट्रकों को ईस्टर्न और वेर्स्टन पेरिफेरल रोड़ पर डायवर्ट कर दिया जाएगा। उद्योग, निर्माण स्थलों के लिए भी नियमावली लागू हो गई हैं।संबंधित विभाग भी अलर्ट हो गए हैं। पाबंदियों का पालन कराने के लिए संबंधित विभाग भी अलर्ट हाे गए हैं। आज से टीमें क्षेत्र में उतर सकती हैं। जिले के गांव दादरी तोय में एंटी स्मॉग गन लगाई गई है।
हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से प्रदूषण को कम करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। इनमें धूल को कम करने के उपाय हो रहे हैं, सड़कों की सफाई मशीनों से शुरू हो गई है, निर्माण कार्यों पर सख्ती शुरू हो चुकी है। पूर्वानुमान के अनुसार 8 अक्टूबर को प्रदूषण फिर सामान्य स्थिति में आ जाएगा। इसके बाद इसमें उतार-चढ़ाव का दौर कुछ समय तक चलेगा। इसके बाद अगले कुछ दिनों तक यह खराब स्तर पर रह सकता है। मौसम विभाग के अनुसार 7 अक्टूबर को नार्थ-वेस्ट दिशा से हवाएं चलेंगी। इनकी गति भी तेज रहेगी। बहादुरगढ़ में शुक्रवार को एक्यूआई 231 ओरेंज कलर में पहुंच गया। जबकि दिल्ली का एक्यूआई 211, फरीदाबाद का 203, गुरुग्राम का 252, नोएडा का एक्यूआई 209, रोहतक का एक्यूआई पीले रंग में 165, सोनीपत का एक्यूआई 197 पर रहा। यह आंकड़ा शाम 6 बजकर 10 मिनट पर रिकार्ड किया गया है।
अस्थमा व सांस के मरीजों के लिए खतरनाक : डॉ. मनीष
ब्रह्मशक्ति संजीवनी अस्पताल (उजाला सिग्नस) के निदेशक डॉ. मनीष शर्मा ने कहा, जब भी मौसम में बदलाव होता है तो इसका असर अस्थमा और सांस के मरीजों पर सबसे ज्यादा होता है। कुछ लोग सुबह की ठंड से बचने के लिए गीजर चलाकर पानी से नहा रहे हैं, फिर वही लोग दिन में गर्मी से बचने के लिए एसी चला रहे हैं। डॉक्टर ने कहा, जब मौसम में बदलाव होता है तो बॉडी का सिस्टम उतनी तेजी से नहीं बदलता। सर्दी की आहट है ये अभी, लेकिन बॉडी पूरी तरह ठंड के लिए तैयार नहीं है। प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। इससे बचाव बेहद जरूरी है।
प्रदूषण स्तर से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव
0-100
कोई दुष्प्रभाव नहीं (हरा रंग)
101-200
संवेदनशील लोगों को सांस और दिल के मरीजों के लिए नुकसानदायक (पीला रंग)
201-300
अति प्रदूषित, घर से बाहर निकलने पर चेतावनी (ओरेंज कलर)
301-400
अति खतरनाक (मैरून कलर)
ये हैं पहली स्टेज की पाबंदियां
-निर्माण और तोड़फोड़ साइटों पर नियमों का पूरी तरह पालन होगा।
-सड़कों की सफाई मशीनों से होगी, पानी का छिड़काव भी होगा।
-चयनित कॉरिडोर और इंटरसेक्शन पर टै्रफिक पुलिसकर्मी मौजूद रहेंगे।
-दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में गाड़ियों के पीयूसी नियमों का अब सख्ती से पालन होगा।
-ट्रक को ईस्टर्न और वेर्स्टन पेरिफेरल रोड़ पर डायवर्ट कर दिया जाएगा।
-अपनी लाइफ पूरी कर चुकी पेट्रोल और डीजल गाड़ियां जब्त होंगी।
-जो इंडस्ट्री प्रदूषण नियमों का पालन नहीं करेगी उन पर कार्रवाई होगी।
-पटाखों पर पूरी तरह बैन रहेगा, पावर सप्लाई नियमित रहेगी।
-रेस्टोरेंट, होटल और ढाबों में तंदूर, लकड़ी और कोयले का इस्तेमाल नहीं होगा।