बेरी। नेशनल हाईवे पर स्थित गांव डीघल के सरकारी स्कूल के भवन की हालत खस्ता होने के कारण विद्यार्थी भय के माहौल में पढ़ाई कर रहे है। सरकारी स्कूल के भवन का निर्माण वर्ष 1939 में हुआ था। भवन की हालत जर्जर हालत में ऐसे हो गई है कि छत पर बारिश के मौसम में छत से पानी व प्लास्टर गिरने लगता है।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय डीघल में कक्षा 6 से 12 तक 183 विद्यार्थियों की संख्या है। भवन के 7 कमरों में विद्यार्थियों की कक्षाएं लगती है। जर्जर भवन होने के कारण अभिभावकों में भय का माहौल रहता है। बारिश के समय में तो स्कूल में पानी भर जाने के कारण छत भी टपकती रहती है। आम आदमी पार्टी के प्रदेश सह सचिव एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य अश्वनी दुल्हेड़ा ने डीघल के कैप्टन दलपत सिंह राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के जर्जरहाल भवन का दौरा किया। उन्होंने कहा कि गांव डीघल की आबादी करीब 22 हजार है। ऐसे में सरकार को चाहिए कि यहां पर प्राथमिकता के आधार पर नए स्कूल भवन का निर्माण करवाया जाए। दीवारों व छतों पर बुरी तरह से दरारें आई हुई है। छत का प्लास्टर भी नीचे गिर जाता है तथा बारिश के समय तो यहां पर स्थिति ओर भी भयावह हो जाती है और बड़ा हादसा होने का भय रहता है। उन्होंने चेतावनी भी दी कि यदि जल्द ही इस बारे कोई संज्ञान नहीं लिया गया तो आम आदमी पार्टी सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करने पर मजबूर होगी। इस मौके पर ग्रामीण कर्ण सिंह, इंद्र सिंह, नसीब सिंह, सोनिया, ज्योति, रीना, ज्ञानो मौजूद रहे।
वर्जन
स्कूल के जर्जर भवन को लेकर विभाग के उच्च अधिकारियों को लिखित रूप से अवगत करा चुके है। पिछले माह ही लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने स्कूल में आकर भवन का निरीक्षण किया था। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों द्वारा शिक्षा विभाग को रिपोर्ट सौंपने के बाद ही भवन कंडम घोषित किया जाएगा।
सत्यव्रत, प्राचार्य, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, डीघल