बहादुरगढ़। रेल विभाग की ओर से 1 जुलाई से लंबी दूरी की ट्रेनों के किराये में बढ़ोतरी हो जाएगी। ट्रेन में सफर करने वाले लोगों का कहना है कि भले ही रेल विभाग ने किराए में वृद्धि की है, लेकिन इसके साथ-साथ यात्रियों की सुविधाओं पर भी ध्यान देना चाहिए।
बहादुरगढ़ औद्योगिक हब है। यहां पर उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़ समेत अन्य कई प्रदेशों के लोग विभिन्न औद्योगिक इकाईयों में कार्यरत हैं। उनका अपने घरों पर आना-जाना लगा रहता है। अब दिल्ली से पटना यदि किसी को ट्रेन में जाना है तो 1 जुलाई से एसी ट्रेन में किराया 20 रुपये बढ़ जाएगा।
इसी तरह अगर दिल्ली से कानपुर, लखनऊ या पूर्वांचल के अन्य इलाकों में सफर करना होगा तो उसका किराया एसी ट्रेन में 10 रुपये अतिरिक्त देना पड़ेगा। इसी तर्ज पर अगर नॉन एसी में ट्रेन में एक हजार किलोमीटर सफर करते हैं तो 10 रुपये टिकट पर अधिक देने होंगे और 500 किलोमीटर पर 5 रुपये अतिरिक्त किराया देना पड़ेगा। किराया बढ़ाना दिक्कत नहीं है, लेकिन सुविधाएं और बेहतर होनी चाहिए। भीड़ कंट्रोल हो, खाने की क्वॉलिटी में सुधार हो, खाने की दर सस्ती होनी चाहिए।
बहादुरगढ़ की हाउसिंग सोसायटी में काम करने वाले विकास कुमार निवासी पटना का कहना है कि अमूमन साल में दो से तीन बार बिहार जाना होता है, एसी में सफर करते हैं, लेकिन थर्ड एसी में तो अब पैर रखना मुश्किल हो जाता है। इतनी भीड़ होती है कि यह भी जनरल डिब्बा बन जाता है। जो हाल पहले जनरल बोगी का था अब वह एसी बोगी का होता है। सरकार से मांग है कि ट्रेनों में दी जाने वाली सुविधाओं में और इजाफा होना चाहिए।
हर सप्ताह ट्रेन से सफर करने वाले गौरव कुमार ने कहा कि जब से वंदे भारत जैसी ट्रेन आई है, पहले से तो सुधार हुआ है। हमारे लिए किराया बढ़ना उतना मायने नहीं रखता, जितना समय पर अपने गंतव्य पर पहुंचना होता है। मेरी मांग है कि सरकार ट्रेनों के परिचालन समय में सुधार करे और ट्रेन के अंदर भीड़ कम हो, बिना रिजर्वेशन वाले लोग न हो, ताकि सुरक्षा भी बनी रहे।