झज्जर। संवाद भवन में बुधवार को जिला लोक संपर्क एवं परिवेदना समिति की मासिक बैठक में कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने ग्राम सचिव को चार्जशीट करने के आदेश दिए। साथ ही बीडीपीओ को जल्द कब्जा हटाने के निर्देश दिए। इस पर बीडीपीओ ने दस दिन में कब्जा कार्रवाई हटाने की बात कही।
बैठक में 18 शिकायतें प्रस्तुत की गईं जिनमें से 17 का मौके पर ही निपटारा कर दिया गया। एक मामले को लंबित रखा गया। अकेहड़ी मदनपुर निवासी कमल ने बताया कि वह पिछले 11 माह से शिकायत कर चुके हैं कि गांव की शामलात भूमि पर कब्जा किया जा रहा है। यहां तक की वहां की मिट्टी तक बेच खाई है।
पीड़ित ने कहा कि कल भी बीडीपीओ के सामने लोगों ने उनकी पिटाई की लेकिन सुनवाई नहीं की जा रही। कृषि मंत्री ने कहा कि कब्जा छुड़वाने का जिसका काम है वह नहीं कर रहे। आपने सरकार के सामने यह मामला रखा अब हमारी बारी है। मंत्री ने ग्राम सचिव को चार्जशीट करने के आदेश दिए।
बैठक में छोछी निवासी सतबीर ने उसके पानी के दो बिल आने की शिकायत रखी। जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि एक कनेक्शन काट दिया गया है। उसका बिल नहीं लिया जाएगा लेकिन दूसरे कनेक्शन का बिल और एरियर भरना होगा। प्रार्थी ने एरियर देने में असमर्थता जताई तो अधिकारियों ने किस्त में जमा कराने की बात कही।
15 साल से काट रहे चक्कर, नहीं मिली जमाबंदी
ग्वालिसन निवासी मुकेश ने कहा कि 2007 के एक सेल डीड के माध्यम से 400 वर्ग गज का एक प्लॉट खरीदा था। यह भूमि वार्ड नंबर-4 जयहिंद कॉलोनी में है। इसका इंतकाल स्वीकृत हुए 15 साल हो चुके हैं लेकिन आज तक फर्द जमाबंदी के राजस्व रिकार्ड में इसकी प्रतिष्टि नहीं की है। वह पिछले 15 साल से चक्कर काट रहा है। इस पर कृषि मंत्री ने जवाब मांगा तो एसडीएम ने बताया कि झज्जर की जमाबंदी का काम चल रहा है। इनका रिकॉर्ड उसमें दर्ज कर लिया जाएगा।
मंत्री बोले-अधिकारी ही तैयारी करके नहीं आते
बहादुरगढ़ के सेक्टर-36 निवासी प्रदीप व अन्य ने 8 बिंदुओं पर शिकायत रखी। सुनवाई के दौरान मंत्री ने अधिकारियों से सवाल किया तो अधिकारी आपस में बात करने लग गए। कृषि मंत्री ने कहा कि अधिकारी ही अपनी तैयारी करके नहीं आएं हैं। हमें ही पूरा मामला पढ़कर आना होगा। मंत्री ने पहले से बनी कमेटी को सेक्टर वासियों को बुलाकर उनकी समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए।
80 हजार पैमाइश के दे चुके, ड्यूटी मजिस्ट्रेट नहीं आए
सौलधा निवासी हंसराज ने एसडीएम कोर्ट के आदेश पर कब्जा कार्रवाई करने के आदेश जारी होने के बावजूद ड्यूटी मजिस्ट्रेट के नहीं आने की शिकायत की। पीड़ित ने कहा कि वह 80 हजार रुपये पैमाइश के भर चुके हैं। इस पर डीसी ने संबंधित ड्यूटी मजिस्ट्रेट को मौके पर जाकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
बैठक में डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल, डीसीपी बहादुरगढ़ मयंक मिश्रा, एडीसी जगनिवास, एसडीएम झज्जर अंकित कुमार चौकसे, एसडीएम बहादुरगढ़ अभिनव सिवाच, एसडीएम बेरी रेणुका नांदल, एसडीएम बादली डॉ. रमन गुप्ता, सीटीएम नमिता कुमारी आदि मौजूद रहे।