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हादसे के बाद किसानों ने लगाया जाम, डंपर चालक गिरफ्तार

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हादसे से गुस्साए किसानों ने नयागांव चौक के निकट लगा दिया जाम। - फोटो : Bahadurgarh
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बहादुरगढ़। बहादुरगढ़-झज्जर रोड पर बाईपास के फ्लाईओवर के नीचे डंपर से कुचलकर तीन किसान आंदोलनकारी महिलाओं की मौत के बाद चालक गाड़ी को मौके पर छोड़ फरार हो गया। हादसे के बाद आंदोलनकारी किसानों में रोष फैल गया। उन्होंने तीनों मृत महिलाओं का पोस्टमार्टम करवाने से इंकार कर दिया और नयागांव चौक के निकट बहादुरगढ़ रोड पर जाम लगा दिया। आंदोलनकारियों ने पीड़ित परिवारों को 10-10 लाख रुपये मुआवजा, परिवारों के एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने और इन परिवारों के कर्ज माफ करने की मांग की।
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बाद में पुलिस ने डंपर के नंबर के आधार पर डंपर मालिक की पहचान कर चालक को गिरफ्तार कर लिया। डंपर मालिक दिल्ली के गांव कंझावला का निवासी है। मालिक से पूछताछ के आधार पर डंपर चालक की पहचान उत्तर प्रदेश के जिला अलीगढ़ के मंडरा थाना क्षेत्र के निवासी मंगल के रूप में हुई। डंपर मालिक ने चालक मंगल को बहादुरगढ़ पुलिस के समक्ष पेश कर दिया। जिस पर पुलिस ने उसको गिरफ्तार कर लिया। मंगल डंपर में चरखी दादरी से डस्ट (क्रशर) लेकर दिल्ली जा रहा था। पुलिस अधीक्षक झज्जर वसीम अकरम ने घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने अस्पताल पहुंचकर किसानों से बातचीत की और सेक्टर-6 पुलिस थाने में जांच कार्य का जायजा लिया। उन्होंने खुद भी डंपर चालक मंगल से पूछताछ की और अधिकारियों को जरूरी हिदायतें दीं।
सेक्टर-6 थाना पुलिस ने मानसा जिले के गांव बुर्ज झब्बर के निवासी करनैल सिंह के बयान पर डंपर चालक के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस ने मृतक महिलाओं के परिजनों को सूचित कर दिया, लेकिन दोपहर बाद तक परिजन यहां नहीं पहुंचे। मानसा जिले की ये महिलाएं रोटेशन के अनुसार 20 दिन पहले यहां आई थीं और बाईपास पर बिजली के पोल नंबर 170 के पास ठहरी थीं। तय रोटेशन के अनुसार इन महिलाओं का स्थान लेने के लिए मानसा से उतनी ही महिलाएं एक दिन पहले बुधवार को ही यहां पहुंच चुकी थीं।
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वर्जन
हादसे में इन तीन माताओं के निधन से किसान आंदोलन को नुकसान हुआ है। हम उन्हें श्रद्धांजलि देते हैं। किसान महिलाएं हमारे आंदोलन की बड़ी ताकत हैं। वे इस संघर्ष में अपने मान-सम्मान के लिए लड़ रही हैं। उनको पंजाब से लाने ले जाने का, उनकी सुरक्षा का और उनके सम्मान का पूरा ख्याल रखा जाता है। आवश्यक सुविधाओं की भी कमी नहीं रहने दी जाती। महिला शक्ति के बल पर हमें आंदोलन में सफलता मिलेगी।
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- परगट सिंह, किसान नेता
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