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गणतंत्र दिवस को लेकर शहर में प्रशासन ने बढ़ाई सुरक्षा व्यवस्था, अनेक स्थानों पर तैनात किए सीआरपीएफ के जवान

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बहादुरगढ़ में झज्जर मोड़ पर सुरक्षा के लिहाज से तैनात किए गए सीआरपीएफ के जवान। संवाद - फोटो : Bahadurgarh
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बहादुरगढ़। टीकरी बॉर्डर पर 54 दिन से चल रहे किसान आंदोलन और 26 जनवरी को किसानों द्वारा दिल्ली में ट्रैक्टर परेड का एलान करने के बाद बहादुरगढ़ में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई जा रही है। जिला प्रशासन की तरफ से शहर में कई स्थानों पर सीआरपीएफ के जवानों को तैनात किया गया है। खास बात यह है कि इस बार प्रशासन को 26 जनवरी को बहादुरगढ़ में कड़े बंदोबस्त करने पड़ सकते हैं। किसान आंदोलन के चलते जैसे-जैसे 26 जनवरी नजदीक आ रही है वैसे-वैसे बहादुरगढ़ पुलिस की चिंता बढ़ती जा रही है।
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कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर हरियाणा-दिल्ली सीमा पर डटे किसानों ने एलान किया है कि वे 26 जनवरी को दिल्ली परेड में अपने ट्रैक्टरों के साथ शामिल होंगे। इससे दिल्ली पुलिस की चिंता बढ़ने के साथ अब बहादुरगढ़ पुलिस के साथ प्रशासन की भी नींद उड़ी हुई है। किसानों ने कहा है कि 19 जनवरी को सरकार के साथ बातचीत के बाद कोई हल नहीं निकला तो वे 20 जनवरी से गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में ट्रैक्टरों के साथ घुसने की तैयारियां शुरू कर देंगे।
इन स्थानों पर बहादुरगढ़ में तैनात किए गए जवान
26 जनवरी पर किसी तरह का कोई तनाव पैदा न हो, इसको लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह गंभीर है। शहर में विभिन्न चौकों पर सीआरपीएफ के जवानों को तैनात किया गया है। बहादुरगढ़ में झज्जर मोड़, रेलवे रोड मोड़, नाहरा-नाहरी मोड़, पकौड़ा चौक के अलावा अन्य कई स्थानों पर इन जवानों की ड्यूटी सुरक्षा के लिहाज से लगाई गई है।
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किसानों से ज्यादा शरारती और असामाजिक तत्वों से हैं परेशानी
सूत्रों का कहना है कि पुलिस को 26 जनवरी पर किसान नेताओं और उनके समर्थकों से ज्यादा चिंता इस बात की है कि कहीं किसानों के साथ-साथ कोई ऐसा असामाजिक या अराजक तत्व भी रैली में न शामिल हो जाए, जो खुद किसान आंदोलनकारियों या दूसरे आम लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बन जाए। इसको लेकर पुलिस की तरफ से भी कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं।
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